अविनाश श्रीवास्तव/सासाराम। रोहतास जिले में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की पटना से आई दो टीमों ने शुक्रवार को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। निगरानी की दो अलग-अलग टीमों ने जिले में एक के बाद एक छापेमारी कर दो बड़े अधिकारियों को रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोच लिया। निगरानी विभाग के इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से रोहतास के पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा हुआ है और लोग सरकार की इस कार्रवाई की सराहना कर रहे हैं।
सिविल सर्जन कार्यालय का लिपिक बीस हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार
निगरानी टीम की पहली कार्रवाई सासाराम के सदर अस्पताल स्थित सिविल सर्जन कार्यालय में हुई। यहां पदस्थापित लिपिक सतीश कुमार को निगरानी की टीम ने बीस हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। निगरानी डीएसपी विकास कुमार श्रीवास्तव के अनुसार आरोपी लिपिक सतीश कुमार संझौली प्रखंड के पीएचसी में पदस्थापित प्रखंड लेखा प्रबंधक सुनीता कुमारी से मनचाही पोस्टिंग के बदले रिश्वत की मांग कर रहा थे, जिसे निगरानी की टीम ने जाल बिछाकर रंगे हाथ दबोच लिया।
सदर सीओ तीन लाख रुपए के साथ गिरफ्तार
निगरानी ब्यूरो की दूसरी और बड़ी कार्रवाई सदर अंचल कार्यालय में हुई। यहां तैनात सदर अंचल अधिकारी आकाश कुमार रौनियार को निगरानी टीम ने जमीन से जुड़े एक मामले में तीन लाख रुपए की भारी-भरकम घूस लेते हुए गिरफ्तार किया। निगरानी डीएसपी पवन कुमार के अनुसार अंचलाधिकारी के खिलाफ राजस्व कर्मचारी राजेश कुमार ने निगरानी थाने में एक शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि जमीन के दाखिल खारिज को लेकर सीओ आकाश रौनियार के साथ छः लाख रुपए में मामला तय हुआ था, लेकिन तीन लाख रुपए की पहली किस्त लेते हुए को शुक्रवार को गिरफ्तार हो गए। हालांकि सीओ ने अपने किराए के आवास पर एक कर्मी सोनू कुमार के माध्यम से रिश्वत की रकम ली है, जिसके बाद निगरानी ने उन्हें गिरफ्तार कर अपने साथ पटना ले गई।
प्रशासनिक महकमे में मचा हड़कंप
दरअसल शुक्रवार को जिले में एक हीं दिन हुई इस ताबड़तोड़ कार्रवाई ने रोहतास प्रशासन की नींद उड़ा दी है। दोनों अधिकारियों की गिरफ्तारी के बाद निगरानी टीम उन्हें अपने साथ पटना ले गई, जहां उनसे मामले में विस्तृत पूछताछ की जाएगी। वहीं भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल है और लोग भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार के इस कड़े कदम की जमकर सराहना कर रहे हैं।

