अविनाश श्रीवास्तव/रोहतास। जिले में बालू के अवैध काले कारोबार के खिलाफ प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी और सुनियोजित कार्रवाई की है। डेहरी अनुमंडल क्षेत्र में माफियाओं के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) के नेतृत्व में खनन विभाग और स्थानीय पुलिस ने आधी रात को एक बड़ा ज्वाइंट ऑपरेशन चलाया। इस गुप्त छापेमारी के दौरान पुलिस ने सफेद रंग की एक लक्जरी कार को खदेड़कर पकड़ा, जिसमें सवार तीन शातिर ‘लाइनरों’ को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया। इस अचानक हुई कार्रवाई से पूरे सोन तटीय इलाके के बालू सिंडिकेट और माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
खुफिया इनपुट पर आधी रात को बिछाया गया जाल
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, पिछले काफी समय से जिला प्रशासन को गोपनीय शिकायतें मिल रही थीं कि डेहरी के मकराइन, डालमियानगर और अकोढ़ी गोला के इलाकों में रात के अंधेरे का फायदा उठाकर भारी मात्रा में अवैध बालू लदे ट्रैक्टरों और ट्रकों का परिचालन किया जा रहा है। बालू माफियाओं ने पुलिस की आवाजाही पर नजर रखने के लिए बाकायदा स्थानीय स्तर पर ‘लाइनर’ तैनात कर रखे थे। इस सूचना को बेहद गंभीरता से लेते हुए एसडीएम ने खनन अधिकारियों के साथ मिलकर एक स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया और आधी रात को बिना किसी शोर-शराबे के लक्षित इलाकों की घेराबंदी कर दी।
हाईटेक तरीके से दे रहे थे चकमा, कार जब्त
छापेमारी के दौरान टीम ने देखा कि एक संदिग्ध सफेद रंग की कार सड़कों पर लगातार रेकी कर रही थी। जांच में पता चला कि कार में सवार तीनों आरोपी बालू लदे अवैध ट्रैक्टरों को सुरक्षित रास्ता दिखाने (लाइनिंग करने) का काम कर रहे थे। ये लाइनर व्हाट्सएप ग्रुपों और फोन कॉल के जरिए सीधे माफियाओं को पुलिस की लोकेशन की पल-पल की जानकारी दे रहे थे ताकि अवैध वाहन आसानी से पार हो सकें। पुलिस ने घेराबंदी कर कार को रोक लिया और उसमें सवार तीनों लाइनरों को गिरफ्तार कर लिया। मौके से बिना नंबर और फर्जी नंबर प्लेट वाले कई ट्रैक्टर भी रडार पर आए हैं। पुलिस ने अपराध में इस्तेमाल की जा रही कार को भी जब्त कर लिया है।
एसडीएम की सख्त चेतावनी: रुकने वाली नहीं है कार्रवाई
सफल ऑपरेशन के बाद मीडिया से बात करते हुए एसडीएम ने साफ शब्दों में कहा कि रोहतास की धरती पर अवैध खनन और परिवहन को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यह कार्रवाई महज एक शुरुआत है। आने वाले दिनों में बालू माफियाओं और उनके मददगारों के खिलाफ इससे भी कड़े कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल गिरफ्तार तीनों आरोपियों से गुप्त स्थान पर पूछताछ की जा रही है ताकि इस सिंडिकेट से जुड़े बड़े सफेदपोशों और मुख्य माफिया सरगनाओं के नामों का खुलासा किया जा सके। स्थानीय पुलिस अब इनके पूरे कॉल डिटेल्स खंगालने में जुट गई है।

