अविनाश श्रीवास्तव/ सासाराम। बिहार के रोहतास जिले के इंद्रपुरी थाना अंतर्गत बढ़िहा गांव में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने न केवल परिजनों को बल्कि पुलिस प्रशासन को भी हिलाकर रख दिया। प्रेम प्रसंग के चलते एक 16 वर्षीय नाबालिग किशोरी ने घर से भागने के लिए ऐसी साजिश रची कि पुलिस 15 दिनों तक हत्या की आशंका में उलझी रही।

​मुर्गे के खून से रची खौफनाक पटकथा

​घटना 30 अप्रैल की रात की है। बढ़िहा गांव के एक व्यक्ति ने पुलिस को सूचना दी कि उनकी नाबालिग बेटी अचानक घर से गायब हो गई है। जब पुलिस घटनास्थल पर पहुंची, तो घर के आंगन और कमरों में जगह-जगह खून बिखरा हुआ था। घर में खून देखकर परिजनों और पुलिस को अनहोनी की गहरी आशंका हुई। परिवार सदमे में था और पुलिस को लगा कि किशोरी की हत्या कर दी गई है।

​तकनीकी सर्विलांस से खुला राज

​पुलिस ने इस मामले को चुनौती के रूप में लिया और गहन जांच शुरू की। फॉरेंसिक साक्ष्यों और तकनीकी सर्विलांस (मोबाइल लोकेशन) के आधार पर पुलिस को सुराग मिला। जांच में खुलासा हुआ कि किशोरी की हत्या नहीं हुई है, बल्कि उसने खुद ही घर में मुर्गा काटकर उसका खून पूरे घर में फैला दिया था ताकि परिवार वालों को लगे कि उसकी हत्या कर दी गई है और पुलिस गुमराह हो जाए।

​मुंबई से प्रेमी सहित गिरफ्तार

​तकनीकी जांच में पता चला कि किशोरी अपने प्रेमी मयंक कुमार, जो अकोढीगोला के बांक गांव का निवासी है, के साथ मुंबई के ठाणे जिले के भिवंडी इलाके में रह रही है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने दबिश दी और दोनों को सुरक्षित बरामद कर लिया।
​देहरी के एएसपी अतुलेश झा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी युवक मयंक कुमार को गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर महाराष्ट्र से बिहार लाया गया है। पूछताछ में पता चला कि दोनों के बीच पिछले 5 वर्षों से प्रेम प्रसंग चल रहा था। फिलहाल, पुलिस मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।