अविनाश श्रीवास्तव/सासाराम। रोहतास पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने फ्लिपकार्ट के डिलीवरी सिस्टम की आड़ में ऑनलाइन ठगी करने वाले एक शातिर अंतरजिला गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में गिरोह के पांच मुख्य सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है और उनके पास से लाखों रुपये के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद हुए हैं।

​डिलीवरी बॉय बनकर करते थे खेल

​मामले का खुलासा तब हुआ जब 13 जून की रात करीब साढ़े आठ बजे डेहरी नगर थाना क्षेत्र में फ्लिपकार्ट की सुरक्षा टीम ने तीन संदिग्ध व्यक्तियों को पकड़कर पुलिस के हवाले किया। पूछताछ में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि ये अपराधी फर्जी डिलीवरी बॉय बनकर ग्राहकों के महंगे सामान की असली बॉक्स से अदला-बदली कर देते थे और बाद में फ्लिपकार्ट को ही ठगते थे।

​ऐसे खुला गिरोह का राज

​डिहरी एसडीपीओ अतुलेश झा ने बताया कि रोहतास एसपी रौशन कुमार के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया था। पूछताछ में पता चला कि इस गिरोह का संचालन समस्तीपुर के सत्यकाम उर्फ किशु और अमर राजा कर रहे थे। ये लोग युवाओं को 40 हजार रुपये मासिक वेतन का प्रलोभन देकर इस अपराध में शामिल करते थे। तकनीकी अनुसंधान और खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस ने इनकी कार (BR09AS7551) को ट्रेस किया और मुख्य सरगनाओं को दबोच लिया।

​भारी मात्रा में सामान बरामद

​पुलिस ने आरोपियों के पास से बरामदगी की लंबी फेहरिस्त जारी की है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक सोनी कैमरा, सात मोबाइल फोन, दो लैपटॉप, तीन एयरपॉड्स, 15 बॉडी कैमरा, पांच ईयरबड्स, छह स्मार्ट वॉच, तीन गो-प्रो कैमरा, 14 मोबाइल चार्जर केबल, दो हार्ड एयर गन और पैकिंग को सील करने वाली मशीन बरामद की है। यह सामान दर्शाता है कि गिरोह कितनी पेशेवर तरीके से ठगी को अंजाम दे रहा था।

​गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

​इस ऑपरेशन में पुलिस ने जिन पांच अपराधियों को गिरफ्तार किया है, उनमें समस्तीपुर के सत्यकाम उर्फ किशु, अमर राजा, चंदन कुमार, प्रदीप कुमार प्रिंस और हर्षल कुमार शामिल हैं। इन सभी के खिलाफ सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है।
​ऑनलाइन शॉपिंग के दौर में इस तरह की ठगी ग्राहकों के भरोसे को तोड़ती है। हालांकि, रोहतास पुलिस की इस कार्रवाई ने साइबर अपराधियों के हौसले पस्त कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस इस नेटवर्क के बाकी सदस्यों की तलाश कर रही है ताकि इस गिरोह की जड़ों को पूरी तरह खत्म किया जा सके।