अविनाश श्रीवास्तव/ सासाराम। रोहतास जिला परिवहन विभाग ने बाल श्रम उन्मूलन और सड़क सुरक्षा को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है। शुक्रवार को सासाराम स्थित जिला परिवहन कार्यालय परिसर में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने बाल श्रम जैसी कुप्रथा के खिलाफ एकजुट होकर काम करने की शपथ ली।
बाल श्रम के विरुद्ध संकल्प और जागरूकता
इस कार्यक्रम का नेतृत्व करते हुए मोटर यान निरीक्षक (MVI) केके त्रिपाठी ने विभाग के सभी कर्मियों को बाल श्रम रोकने की शपथ दिलाई। त्रिपाठी ने कहा कि परिवहन विभाग बाल श्रम की रोकथाम को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। विभाग न केवल कार्यालय स्तर पर सतर्क है, बल्कि अब आम लोगों और वाहन मालिकों के बीच भी व्यापक जागरूकता अभियान चलाएगा। इसका उद्देश्य समाज से इस कलंक को जड़ से मिटाना है ताकि किसी भी मासूम का बचपन असुरक्षित न रहे।
नाबालिगों का वाहन चलाना गंभीर अपराध
सड़क सुरक्षा पर विशेष जोर देते हुए एमवीआई केके त्रिपाठी ने नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने की बढ़ती प्रवृत्ति पर कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क दुर्घटनाओं के पीछे एक बड़ा कारण नाबालिगों का बेधड़क वाहन चलाना है। कम उम्र के बच्चों को टू-व्हीलर या फोर-व्हीलर सौंपना न केवल कानूनी रूप से दंडनीय अपराध है, बल्कि यह बच्चों की अपनी जान और सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों के जीवन के साथ भी खिलवाड़ है।

सख्त दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी
परिवहन विभाग ने साफ कर दिया है कि ऐसी घटनाओं को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पहले से जारी दंडात्मक कार्रवाई को आने वाले दिनों में और अधिक तेज किया जाएगा। विभाग के अधिकारी उन अभिभावकों पर पैनी नजर रखेंगे जो अपने नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति देते हैं।
केके त्रिपाठी ने आम जनता से अपील की है कि वे अपनी नैतिक जिम्मेदारी को समझें। नियमों का ईमानदारी से पालन करना ही खुद को और दूसरों को सुरक्षित रखने का एकमात्र उपाय है। अभिभावकों से आग्रह किया गया है कि वे किसी भी हाल में अपने नाबालिग बच्चों को वाहन न दें। परिवहन विभाग का यह कड़ा रुख उन लोगों के लिए एक सख्त संदेश है जो सड़क सुरक्षा के नियमों की अनदेखी करते हैं। अब देखना यह है कि विभाग का यह अभियान आने वाले समय में सड़कों पर नाबालिगों के वाहनों पर कितना अंकुश लगा पाता है।

