सोहराब आलम, मोतिहारी। जिले के सुगौली नगर पंचायत स्थित आरटीपीएस (RTPS) कार्यालय का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद सरकारी सेवाओं की पारदर्शिता और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं।
वायरल वीडियो और अवैध वसूली के आरोप
सुगौली नगर पंचायत के आरटीपीएस कार्यालय में आवासीय प्रमाण पत्र और उससे जुड़े अन्य कागजात तैयार कराने के नाम पर कथित तौर पर अवैध रूप से पैसे लेने का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में एक महिला द्वारा कथित रूप से पैसे दिए जाने का दावा किया जा रहा है। वीडियो में नजर आ रहा है कि महिला नकद राशि दे रही है, जबकि इससे पहले डिजिटल माध्यम से भी राशि ट्रांसफर किए जाने की बात कही जा रही है। हालांकि, इस वायरल वीडियो में दिखाई जा रही राशि और उसके लेन-देन की सत्यता की आधिकारिक पुष्टि प्रशासनिक जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
वार्ड पार्षदों और स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
इस पूरे घटनाक्रम के सामने आने के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों में रोष देखा जा रहा है। वार्ड पार्षद श्याम शर्मा ने नगर पंचायत कार्यालय की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि आम जनता और विशेषकर गरीब तथा जरूरतमंद परिवारों को अपने सामान्य सरकारी कार्यों व दस्तावेजों को बनवाने के लिए कथित तौर पर इस तरह की परेशानियों और भुगतानों का सामना करना पड़ता है। स्थानीय नागरिकों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है।
प्रशासनिक जांच और आगे की कार्रवाई
सरकारी योजनाओं और सेवाओं का मूल उद्देश्य आम नागरिकों को बिना किसी बाधा के पारदर्शी तरीके से लाभ पहुंचाना है। ऐसे महत्वपूर्ण कार्यालयों में इस तरह के आरोप सामने आना व्यवस्था की विश्वसनीयता के लिए चुनौती बनता है। अब यह देखना बेहद महत्वपूर्ण होगा कि जिला प्रशासन या संबंधित विभाग इस वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर कब तक जांच प्रक्रिया पूरी करता है और क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।


