Russia Begins Oil Exports From Arctic:: अमेरिका और यूरोपीय देशों के प्रतिबंधों को धत्ता बताते हुए रूस ने आर्कटिक में तेल निकालना शुरू कर दिया है। रूस ने आर्कटिक इलाके में अपने बड़े ‘वोस्तोक ऑयल’ प्रोजेक्ट (Vostok Oil Project) से तेल निकालना शुरू कर दिया है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पहली खेप की लोडिंग को हरी झंडी दिखाई। रूस 2027 की दूसरी छमाही तक सालाना 3 करोड़ टन कच्चा तेल निकालने का लक्ष्य रखा है।
रूस का यह प्रोजेक्ट उत्तरी साइबेरिया के तैमिर इलाके में है। इसमें वानकोर व पायाखा सहित कई तेल इलाके जुड़े हैं। प्रोजेक्ट से जुड़ी वानकोरनेफ्ट कंपनी में चार भारतीय सरकारी कंपनियों की संयुक्त हिस्सेदारी 49.9% है। इनमें ओएनजीसी विदेश, इंडियन ऑयल, ऑयल इंडिया और भारत पेट्रो रिसोर्सेज शामिल हैं।
इस इलाके में करीब 700 करोड़ टन तेल का भंडार हो सकता है। इसका फायदा भारत को मिल सकता है। इस प्रोजेक्ट से निकला तेल 790 किमी लंबी पाइपलाइन से कारा सागर के बुख्ता सेवेर टर्मिनल तक पहुंचाया जाएगा। वहां तेल को टैंकरों में भरकर दूसरे देशों को भेजा जाएगा। इससे रूस से भारत आने वाले तेल के जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से होकर नहीं गुजरना पड़ेगा।
बता दें कि भारत अपनी जरूरत का करीब 50% क्रूड ऑयल होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते मंगाता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक जनवरी-फरवरी 2026 में इस रास्ते से भारत को रोजाना करीब 26 लाख बैरल कच्चा तेल मिला। यह तेल ज्यादातर इराक, सऊदी अरब, UAE और कुवैत से आता है। नवंबर-दिसंबर 2025 में होर्मुज के रास्ते भारत के कुल क्रूड इंपोर्ट का करीब 40% आता था, जो जनवरी-फरवरी में बढ़कर करीब 50% हो गया।
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