शब्बीर अहमद, भोपाल। सागर जिले के खुरई में एक ही परिवार के 3 दलित की हत्या के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सरकार और CBI को नोटिस जारी किया है। उच्चतम न्यायलय ने घटनाक्रम को लेकर जवाब मांगा है। दलित संगठन ने पूर्व मंत्री भूपेन्द्र सिंह पर आरोपियों को बचाने के आरोप लगाए थे। जिसके बाद इस मामले को दिल्ली ट्रांसफर करने की मांग की गई है।
भूपेंद्र सिंह पर षड्यंत्र कर आरोपियों को बचाने का आरोप
दरअसल, दलित संगठन ने खुरई में हुए हत्याकांड को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी। याचिकाकर्ता ने याचिका में भूपेंद्र सिंह पर मामले में षड्यंत्र कर आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया है। याचिका में सीबीआई जांच और केस को दिल्ली ट्रांसफर करने की मांग की गई है। साथ ही भूपेंद्र सिंह पर हत्याकांड के आरोपियों को बचाने के आरोप लगाए थे। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भूपेंद्र सिंह के करीबियों के हत्या में शामिल होने के आरोप लगाए थे।
यह है पूरा मामला
मामला 2 साल पुराना है, जहां आरोपी पक्ष के एक युवक ने पीड़ित पक्ष की युवती से छेड़छाड़ की थी। जिसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी। FIR से आरोपी पक्ष आग बबूला हो गया और राजीनामा करने का दबाव बनाने लगा। जब वे नहीं माने तो आरोपियों ने पीट-पीटकर उसके भाई की हत्या कर दी। मामले में मुख्य आरोपी विक्रम सिंह ठाकुर थे इसके अलावा आजाद ठाकुर, इस्लाम खान, गोलू उर्फ फरीम खान, सुशील कुमार सोनी, अनीश खान, अरबाज खान, कोमल सिंह ठाकुर शामिल थे। मामले में 8 से 9 लोगों की गिरफ्तारी हुई थी।
चाचा का मर्डर, पीडिता की संदिग्ध परिस्थिति में मौत
बीते साल (2024) में दबंगों ने उसके चाचा की पिटाई कर घायल कर दिया था। जिसके बाद अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी। वहीं, शव ले जा रही पीड़िता की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई थी। इस घटना ने एक तरफ जहां पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। वहीं, इस मामले में एमपी से लेकर दिल्ली तक जमकर सियासत हुई थी।
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