Lifestyle Desk – सावन का पवित्र महीना भगवान शिव की आराधना और उपवास के लिए बेहद खास माना जाता है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु सोमवार का व्रत रखते हैं और दिनभर फलाहार का सेवन करते हैं। व्रत की थाली में साबुदाना से बनी खिचड़ी, वड़ा, खीर और टिक्की जैसी डिशेज सबसे ज्यादा पसंद की जाती हैं। साबुदाना जल्दी ऊर्जा देने वाला खाद्य पदार्थ माना जाता है, इसलिए उपवास के दौरान इसे भरपूर मात्रा में खाया जाता है। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि साबुदाना हर व्यक्ति के लिए समान रूप से फायदेमंद नहीं होता। कुछ लोगों को इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए, क्योंकि अधिक मात्रा में खाने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं।

साबुदाना मुख्य रूप से कार्बोहाइड्रेट का स्रोत है। इसमें प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स की मात्रा अपेक्षाकृत कम होती है। यही कारण है कि इसे अकेले खाने की बजाय संतुलित तरीके से अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों के साथ शामिल करने की सलाह दी जाती है। यदि केवल साबुदाना आधारित भोजन बार-बार किया जाए, तो शरीर को सभी जरूरी पोषक तत्व नहीं मिल पाते।

डायबिटीज के मरीज रहें सावधान

मधुमेह (डायबिटीज) से पीड़ित लोगों को साबुदाना खाते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। इसमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अधिक होती है, जिससे ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है। यदि डायबिटीज के मरीज व्रत के दौरान साबुदाना खाना चाहते हैं, तो इसकी मात्रा सीमित रखें और इसे मूंगफली, दही या पनीर जैसे प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों के साथ खाएं। इससे ब्लड शुगर का प्रभाव कुछ हद तक संतुलित रखने में मदद मिल सकती है।

वजन घटाने वालों के लिए भी जरूरी है संतुलन

अगर आप वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं, तो साबुदाना का अधिक सेवन आपके लक्ष्य में बाधा बन सकता है। साबुदाना से बनी वड़ा या डीप फ्राई डिशेज में कैलोरी और फैट की मात्रा काफी बढ़ जाती है। ऐसे में खिचड़ी या हल्की रेसिपी बेहतर विकल्प हो सकती है। साथ ही मात्रा का ध्यान रखना भी जरूरी है।

पाचन संबंधी समस्या वाले लोग रखें ध्यान

साबुदाना में फाइबर कम होता है, इसलिए केवल साबुदाना आधारित भोजन करने से कुछ लोगों को कब्ज या पाचन संबंधी परेशानी हो सकती है। यदि पहले से ही पाचन कमजोर है, तो साबुदाना के साथ दही, फल या फाइबर युक्त व्रत में खाए जाने वाले खाद्य पदार्थ शामिल करना लाभदायक हो सकता है। साथ ही पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी जरूरी है।

कैसे बनाएं साबुदाना को ज्यादा हेल्दी?

साबुदाना को पौष्टिक बनाने के लिए इसमें भुनी हुई मूंगफली, पनीर, दही या दूध जैसे प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ शामिल करें। खिचड़ी में आलू की मात्रा कम और मूंगफली या मेवे थोड़े अधिक रखे जा सकते हैं। तली हुई डिशेज की बजाय कम तेल में बनी साबुदाना खिचड़ी या हल्का उपमा बेहतर विकल्प माना जाता है। इसके साथ मौसमी फल और नारियल पानी लेने से शरीर को अतिरिक्त पोषण और हाइड्रेशन भी मिलता है।

व्रत में संतुलित आहार है सबसे जरूरी

विशेषज्ञों का कहना है कि उपवास का उद्देश्य केवल पेट भरना नहीं, बल्कि शरीर और मन दोनों को संतुलित रखना भी है। इसलिए पूरे दिन केवल साबुदाना खाने की बजाय दूध, दही, मखाना, फल, ड्राई फ्रूट्स और पर्याप्त पानी को भी अपनी डाइट का हिस्सा बनाएं। इससे शरीर को ऊर्जा के साथ जरूरी पोषक तत्व भी मिलते रहेंगे।

सावन के व्रत में साबुदाना स्वादिष्ट और ऊर्जा देने वाला विकल्प जरूर है, लेकिन इसका सेवन सोच-समझकर और संतुलित मात्रा में करना चाहिए। खासकर डायबिटीज, मोटापा या पाचन संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को अपनी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार आहार चुनना चाहिए। सही खानपान अपनाकर आप व्रत की आस्था के साथ अपनी सेहत का भी पूरा ध्यान रख सकते हैं।