शिखिल ब्यौहार, भोपाल। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में अवैध मस्जिद गिराए जाने के बाद उसके नीचे मिले 20 फीट गहरे कुएं को लेकर विवाद मध्यप्रदेश तक पहुंच गया है। अखिल भारतीय साधु संत सन्यासी परिषद ने इस मामले में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) और उत्तर प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर पूरे परिसर की जांच की मांग की है।
परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष अनिलानंद ने पत्र में दावा किया है कि सहारनपुर क्षेत्र महाभारत कालीन कुरुक्षेत्र का हिस्सा रहा है। ऐसे में आशंका है कि यह मस्जिद भी किसी प्राचीन मंदिर को तोड़कर बनाई गई होगी। उन्होंने कहा कि यह बहुत बड़ा प्रमाण है कि हर मंदिर के पास एक कुआं होता है। कुआं मिलने से स्पष्ट होता है कि यहां पहले कोई मंदिर रहा होगा। अनिलानंद ने पत्र में लिखा है कि उत्तर प्रदेश में मुगल और मुस्लिम आक्रांताओं ने कई मंदिरों को तोड़कर मस्जिदें बनाई। सहारनपुर का यह मामला भी उसी कड़ी का हिस्सा हो सकता है। इसलिए सरकार और ASI को गंभीरता से जांच करनी चाहिए और सच सामने लाना चाहिए।
यह है विवाद
बीते 06 सितंबर को कोर्ट के आदेश पर सहारनपुर कलेक्ट्रेट में बनी दो मंजिला मस्जिद को बुलडोजर से गिराया गया था। मलबा हटाने के दौरान वहां 20 फीट गहरा कुआं मिला, जिसके बाद नया विवाद शुरू हो गया। एसडीएम ने भी कुएं की जांच के लिए ASI को पत्र लिखा है।
मस्जिदों के खिलाफ हो रहा षड्यंत्र – मुस्लिम पक्ष
ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। कमेटी के संरक्षक शमशुल हसन ने कहा कि इस मामले को लेकर उत्तर प्रदेश विंग से बातचीत की गई है। सरकार को एक बार स्पष्ट करना चाहिए कि वह चाहती क्या है। हिंदूवादी संगठन एक बार में ऐसी सभी मस्जिदों की सूची सौंप दें, जिन्हें वे षड्यंत्र के तहत गिराना चाहते हैं।
हसन ने कहा कि राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए एक के बाद एक ऐसी कवायद सामने आ रही है। इससे सांप्रदायिक सौहार्द खराब होने की आशंका है। उनका कहना है कि पुरानी मस्जिदों में वजू के लिए कुआं होना सामान्य बात है, इसे मंदिर से जोड़ना गलत है। फिलहाल प्रशासन ने कुएं को सुरक्षित कर दिया है और ASI जांच का इंतजार है।
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