विकास कुमार/सहरसा। जिले के सोनवर्षा राज थाना क्षेत्र के अंतर्गत मनोरी साह टोला में हाल ही में हुई रूपेश साह की निर्मम हत्या की गुत्थी को पुलिस ने मात्र 36 घंटों के भीतर सुलझा लिया है। इस सनसनीखेज वारदात का खुलासा होने के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है। पुलिस की जांच में यह हत्या प्रेम प्रसंग का मामला निकलकर सामने आई है।
क्या थी घटना?
बीते 10 जुलाई की सुबह मनोरी साह टोला के ग्रामीणों में उस समय हड़कंप मच गया जब रूपेश साह का शव उनके घर से महज 40 मीटर की दूरी पर स्थित एक गोशाला में पाया गया। शव पर गंभीर चोट के निशान थे जिससे यह स्पष्ट था कि हत्या बड़ी बेरहमी से की गई थी। इसके अतिरिक्त मृतक का मोबाइल फोन भी मौके से गायब था जिसने पुलिस के लिए जांच को थोड़ा चुनौतीपूर्ण बना दिया था।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही सोनवर्षा राज पुलिस सक्रिय हो गई। एसडीपीओ मुकेश कुमार ठाकुर के नेतृत्व में एक विशेष अनुसंधान टीम का गठन किया गया। पुलिस ने एफएसएल (FSL) टीम की मदद से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने का काम शुरू किया। जांच के दौरान मोबाइल सीडीआर (CDR) का विश्लेषण और तकनीकी साक्ष्यों को बारीकी से खंगाला गया। इन साक्ष्यों ने पुलिस को सीधे आरोपियों तक पहुंचाने का काम किया।
प्रेम प्रसंग बना हत्या का कारण
पुलिस की सघन पूछताछ में आरोपी दंपती अशोक साह उर्फ कैला और उसकी पत्नी वीणा देवी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। उन्होंने बताया कि यह हत्या प्रेम प्रसंग को लेकर रची गई थी। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने मनोरी गांव के पास स्थित एक तालाब से मृतक का क्षतिग्रस्त मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है जो इस केस में एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगा।
विधिक प्रक्रिया जारी
एसडीपीओ मुकेश कुमार ठाकुर ने प्रेस वार्ता में बताया कि हत्याकांड के खुलासे में तकनीकी साक्ष्यों और परिस्थितिजन्य प्रमाणों की भूमिका अहम रही। पुलिस की टीम आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही है ताकि घटना के हर पहलू को स्पष्ट किया जा सके। गिरफ्तार पति-पत्नी को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया चल रही है और पुलिस इस मामले में स्पीडी ट्रायल कराकर आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।

