विकास कुमार, सहरसा। जिले में कानून और व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए कुछ दबंगों द्वारा एक वृद्ध महिला की पुश्तैनी जमीन पर जबरन कब्जा करने का प्रयास किया गया है। स्थानीय थानों और पुलिस अधिकारियों के चक्कर काट कर थक चुकी पीड़िता ने अब न्याय की आस में सीधे डीआईजी का दरवाजा खटखटाया है। इस पूरी घटना ने स्थानीय पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा मामला सहरसा जिले के बलवाहाट थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले खोजूचक सोनपुरा वार्ड नंबर-1 का है। यहां की रहने वाली रेखा देवी नामक एक वृद्ध महिला ने कुछ प्रभावशाली लोगों पर उनकी पुश्तैनी और खतियानी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता के अनुसार, उनके पति अक्सर बीमार रहते हैं और उनके घर के सभी बच्चे रोजी-रोटी के सिलसिले में बाहर प्रदेश में रहते हैं। घर पर अकेली बुज़ुर्ग महिला पाकर भू-माफियाओं और दबंगों के हौसले बुलंद हो गए हैं।

पक्की दीवार तोड़कर घर बनाने का प्रयास
पीडि़ता रेखा देवी ने अपनी शिकायत में बताया कि बीते 9 सितंबर की सुबह कुछ असामाजिक तत्व और दबंग किस्म के लोग अचानक उनकी जमीन पर आ धमके। विरोध करने पर उन लोगों ने जबरन जमीन पर बनी पक्की दीवार को तोड़ दिया। इतना ही नहीं, दबंगों ने तोड़ी गई दीवार की ईंटों का ही इस्तेमाल कर उसी जगह पर नया निर्माण करने और घर बनाने की कोशिश की। जब वृद्ध महिला ने इसका पुरजोर विरोध किया, तो आरोपितों ने उनके साथ गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से भगा दिया।
थाने और एसपी कार्यालय से नहीं मिली राहत
वृद्ध महिला ने आरोप लगाया कि इस घटना के तुरंत बाद उन्होंने स्थानीय बलवाहाट थाने में न्याय के लिए गुहार लगाई और लिखित आवेदन दिया। इसके बावजूद स्थानीय पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया। स्थानीय स्तर पर सुनवाई न होने पर उन्होंने जिला पुलिस कप्तान (एसपी) को भी आवेदन सौंपा, लेकिन वहां से भी उन्हें निराशा ही हाथ लगी। पुलिस की इस सुस्त और उदासीन कार्यशैली के कारण दबंगों के हौसले और अधिक बुलंद हो गए हैं।
डीआईजी से लगाई न्याय की गुहार
स्थानीय स्तर पर मदद न मिलने पर आखिरकार पीड़ित वृद्ध महिला रेखा देवी ने डीआईजी कार्यालय का रुख किया। उन्होंने डीआईजी को एक विस्तृत आवेदन सौंपते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने आरोपितों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने और उनकी पुश्तैनी जमीन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की गुहार लगाई है, ताकि उन्हें बुढ़ापे में बेघर होने से बचाया जा सके।



