विकास कुमार/सहरसा: कोशी रेंज के डीआईजी डॉ. कुमार आशीष ने शनिवार को सहरसा सदर थाना का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान थाने की कार्यप्रणाली में कई गंभीर खामियां पाई गईं जिससे नाराज डीआईजी ने थाना प्रभारी को कड़ी फटकार लगाई। डीआईजी का यह औचक निरीक्षण पुलिस महकमे में चर्चा का विषय बना हुआ है और इससे थाना स्तर पर कार्यशैली में सुधार की उम्मीद जगी है।
अभिलेखों में लापरवाही और शिकायत पेटिका अपडेट नहीं
निरीक्षण के दौरान डीआईजी ने सबसे पहले थाने के प्रशासनिक अभिलेखों की गहन जांच की। जांच में पाया गया कि थाने में लगी शिकायत पेटिका काफी समय से नहीं खोली गई थी जिससे जनता की शिकायतें उन तक नहीं पहुंच पा रही थीं। इसके साथ ही विजिटर रजिस्टर भी अपडेट नहीं था। थाने आने वाले लोगों का रिकॉर्ड सही ढंग से दर्ज न होने पर डीआईजी ने गहरी नाराजगी जताई और थाना प्रभारी को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि सरकारी अभिलेखों को नियमित रूप से अद्यतन रखा जाए और इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

लंबित मामलों का समयबद्ध निष्पादन जरूरी
थाने के रिकॉर्ड की समीक्षा के दौरान डीआईजी ने लंबित पड़े मामलों पर चिंता जताई। उन्होंने लंबित कांडों की सूची का अवलोकन किया और संबंधित पदाधिकारियों को इन्हें प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निष्पादित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस का मुख्य कार्य पीड़ितों को न्याय दिलाना है, इसलिए मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए।
संवेदनशीलता और सम्मानजनक व्यवहार के निर्देश
डीआईजी ने पुलिसकर्मियों को सख्त हिदायत दी कि थाना आने वाले प्रत्येक फरियादी के प्रति संवेदनशीलता बरती जाए। उन्होंने कहा कि पीड़ितों का सम्मान करना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके अलावा, उन्होंने महिला हेल्पलाइन डेस्क का भी निरीक्षण किया और महिलाओं से संबंधित शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करने तथा महिला फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनने के लिए निर्देशित किया।
निरीक्षण के दौरान सहरसा पुलिस अधीक्षक (एसपी) हिमांशु सहित जिले के अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। डीआईजी के इस सख्त रुख से साफ है कि भविष्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

