समस्तीपुर। जिले के विभूतिपुर थाना क्षेत्र के शाहपुर परोहि गांव में एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। यहां एक पानी से भरे गहरे गड्ढे में डूबने से दादी और उनके 8 वर्षीय पोते की जान चली गई। घटना के बाद से पूरे इलाके में मातम पसर गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

​क्या है पूरा मामला?

​मृतकों की पहचान शाहपुर परोहि वार्ड-1 निवासी गंगा चौधरी की 45 वर्षीय पत्नी विभा देवी और उनके 8 वर्षीय पोते अंकुश कुमार (पिता: बाबुल चौधरी) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, विभा देवी अपने दो पोतों, अंकुश और 7 वर्षीय कारी के साथ घर के पास ही भैंस चराने और उन्हें नहलाने के लिए बाहर निकली थीं।

​पोते को बचाने की कोशिश में गई जान

​हादसा उस समय हुआ जब बड़ा पोता अंकुश भैंस को नहलाने के लिए एक पानी से भरे गहरे गड्ढे के पास गया और अचानक संतुलन बिगड़ने से गहरे पानी में जा गिरा। बच्चा डूबने लगा और घबराहट में उसने शोर मचाना शुरू किया। पोते की चीखें सुनकर दादी विभा देवी ने बिना सोचे-समझे उसे बचाने के लिए गड्ढे में छलांग लगा दी। हालांकि, गड्ढे की गहराई अधिक होने के कारण वे भी बाहर नहीं निकल सकीं और दोनों गहरे पानी की चपेट में आ गए।
​इस दौरान छोटा पोता कारी कुमार डर के मारे चिल्लाते हुए वापस गांव की ओर भागा और परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी। खबर मिलते ही गांव के लोग और परिजन आनन-फानन में घटनास्थल पर पहुंचे। लोगों ने काफी मशक्कत के बाद दोनों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। दम घुटने से दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हो चुकी थी।

​प्रशासन का रुख

​घटना की सूचना मिलते ही विभूतिपुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। थाना अध्यक्ष सुनील कुमार झा ने बताया कि पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए समस्तीपुर सदर अस्पताल भेज दिया है। पुलिस ने मामले की पूरी जानकारी ली है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
​थाना अध्यक्ष ने यह भी आश्वासन दिया है कि पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने के बाद, पीड़ित परिवार की ओर से लिखित आवेदन मिलने पर आपदा प्रबंधन के नियमों के तहत सरकारी सहायता राशि शीघ्र उपलब्ध कराने की पूरी कोशिश की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर खुले और असुरक्षित जलाशयों के खतरों को उजागर कर दिया है।