ODISHA DESK, संबलपुर: ओडिशा के संबलपुर शहर में इस साल सुप्रसिद्ध और पवित्र ‘शीतल षष्ठी यात्रा’ बेहद भव्य और महासमारोह के साथ मनाई जाने वाली है। आगामी 14 जून से शुरू होने वाले इस सप्ताह भर के उत्सव में देवाधिदेव महादेव और जगतजननी माता पार्वती के दिव्य विवाह का आयोजन होगा। इस महामिलन के साक्षी बनने और अपनी कला का प्रदर्शन करने के लिए ओडिशा समेत देश के विभिन्न राज्यों से 7,500 से अधिक कलाकार संबलपुर पहुंच रहे हैं। शहर की तीन प्रमुख यात्रा समितियों नंदपाड़ा, झाड़ूआपाड़ा और मोदीपाड़ा ने इसके लिए व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं।
उत्सव का पूरा कार्यक्रम और मुख्य रस्में
शीतल षष्ठी उत्सव पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न होता है। इस वर्ष का मुख्य कार्यक्रम इस प्रकार है:
14 जून: पारंपरिक ‘पतरपेंडी’ (भगवान शिव और माता पार्वती की सगाई) की रस्म के साथ उत्सव का शुभारंभ होगा।
18 जून (रात): वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार प्रभु शिव और माता पार्वती का दिव्य विवाह संपन्न कराया जाएगा।
19 जून (रात) से 20 जून (शाम): नवनिर्वाचित देव-दंपति की भव्य नगर परिक्रमा (कार्निवल/शोभायात्रा) निकाली जाएगी, जो पूरे शहर का भ्रमण करेगी।
इस वर्ष शीतल षष्ठी यात्रा का कुल बजट पिछले साल के 1.7 करोड़ रुपये से बढ़कर लगभग 2.2 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इस समृद्ध सांस्कृतिक और अनूठी लोक परंपरा को संजोए रखने के लिए ओडिशा सरकार ने भी 1.08 करोड़ रुपये का वित्तीय अनुदान मंजूर किया है। यह सहायता राशि क्षेत्र की सभी 21 समितियों के बीच वितरित की जाएगी।
पश्चिम ओडिशा की इस अनूठी लोक परंपरा की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें आम इंसान (भक्त) देवी-देवताओं के माता-पिता की भूमिका निभाते हैं और सामाजिक रीति-रिवाज से कन्यादान की रस्में पूरी करते हैं। यही कारण है कि इसे देखने के लिए देश-विदेश से भारी संख्या में श्रद्धालु यहां जुटते हैं।
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