सतीश सिंह, संभल. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को संभल में 569 करोड़ रुपये की 66 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास किया. इस दौरान उन्होंने विपक्षी दलों और पूर्ववर्ती सरकारों पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि 2017 से पहले संभल का नाम लेने तक की लोग हिम्मत नहीं करते थे, लेकिन आज यह जनपद अपनी सांस्कृतिक विरासत और विकास की नई पहचान बना रहा है.
मुख्यमंत्री ने कहा, “क्या 2017 के पहले कोई संभल का नाम लेने की हिम्मत करता था? तब तो एक तुर्क यहां आकर अपमानित करता था. यहां के देसी मुसलमानों को भी अपमानित करता था. अपनी टोपी आंख पर लगाकर उन्हें चिढ़ाने का काम करता था. अपने को बाबर का वंशज कहकर लगातार यहां के लोगों, भारत और भारतीयों का अपमान करता था. लेकिन अब तुर्क की तुर्कई नहीं चल सकती है. अब तो संभल में वही होगा, जो हरिहर मंदिर का आदेश होगा.”
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मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि विदेशी आक्रांताओं ने 500 वर्ष पूर्व श्रीहरि विष्णु की इस पवित्र धरा को अपवित्र किया था. हरिहर मंदिर को तोड़ा गया, 68 तीर्थों को अपवित्र किया गया और 19 कूपों पर कब्जा कर लिया गया. उन्होंने कहा कि आक्रांता केवल खजाना ही नहीं लूटते, बल्कि धर्म और संस्कृति को भी रौंदते हैं. संभल ने विभाजन और गुलामी की मानसिकता का दुष्परिणाम भुगता है. उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार ने संभल के 68 तीर्थों के पुनरुद्धार, 19 कूपों के संरक्षण और पुनर्जीवन का कार्य किया है. 24 कोसीय परिक्रमा के विकास के लिए भी धनराशि उपलब्ध कराई गई है. अब कोई भी इन धार्मिक स्थलों और कूपों पर कब्जा नहीं कर पाएगा. संभल एक बार फिर सत्यव्रत और अपनी प्राचीन सांस्कृतिक पहचान के साथ खड़ा हो रहा है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि विरासत का संरक्षण प्रत्येक नागरिक का दायित्व है, लेकिन जो लोग कांवड़ यात्रा और रामनवमी की शोभायात्रा को प्रतिबंधित करते थे, उनसे विरासत संरक्षण की अपेक्षा नहीं की जा सकती. उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को हर कीमत पर सत्ता चाहिए, चाहे उसकी कीमत देश और गरीबों को ही क्यों न चुकानी पड़े. प्रदेश की कानून-व्यवस्था का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार के नौ वर्षों में प्रदेश में कोई दंगा नहीं हुआ है. दंगाइयों को पता है कि कानून को हाथ में लेने की कीमत क्या चुकानी पड़ती है. उन्होंने कहा कि माफियाओं और अपराधियों के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति प्रभावी रूप से लागू की गई है.
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मुख्यमंत्री ने कहा कि संभल में 10 हजार एकड़ भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराया गया है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस भूमि का उपयोग गरीबों, दलितों और वंचित वर्ग के लोगों के हित में किया जाए. साथ ही प्रदेश सरकार ऐसी व्यवस्था विकसित कर रही है, जिसमें भूमि अभिलेख पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे और किसी की जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. उन्होंने कहा कि संभल अब रुकने वाला नहीं है. विरासत के संरक्षण और विकास परियोजनाओं के माध्यम से यह जनपद प्रदेश के विकास की नई कहानी लिखेगा. मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि विकास और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के समन्वय से संभल उत्तर प्रदेश की नई पहचान बनेगा.

