Bihar News: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की राहुल गांधी द्वारा पीएम आवास के बाहर किए गए प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया सामने आई है। गौरतलब है कि कल मंगलवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी नीट पेपर लीक और दिल्ली में हुए छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में पीएम आवास के बाहर प्रदर्शन करते हुए धरने पर बैठ गए थे। उनके साथ कांग्रेस के अलावा महागठबंधन के कई अन्य नेता भी शामिल थे, जिन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया था।

इस तरह सुर्खियां बटोरना शोभा नहीं देता- सीएम सम्राट

राहुल गांधी के इस प्रदर्शन की सीएम सम्राट चौधरी ने निंदा की है। सीएम ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, हाई सिक्योरिटी जोन में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा नियमों की अनदेखी करने वाला आचरण संवैधानिक मूल्यों और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के प्रतिकूल है। क्षणिक राजनीतिक लाभ और सुर्खियां बटोरने की कोशिश में इस प्रकार का व्यवहार विपक्ष के नेता जैसे संवैधानिक पद की गरिमा पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।

राजनीति में मतभेद स्वाभाविक- सीएम सम्राट

मुख्यमंत्री ने कहा कि, राजनीति में मतभेद स्वाभाविक है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं, सुरक्षा प्रोटोकॉल और सार्वजनिक मर्यादाओं का सम्मान सर्वोपरि होना चाहिए। लोकतांत्रिक पदों की गरिमा को आहत करने वाला कोई भी आचरण किसी भी दृष्टि से उचित नहीं ठहराया जा सकता। सीएम सम्राट ने कहा कि, देश अपेक्षा करता है कि सार्वजनिक जीवन में आचरण भी उतना ही जिम्मेदार, संयमित और मर्यादित हो, जितनी बड़ी जिम्मेदारी उस पद के साथ जुड़ी होती है।

जदयू सांसद संजय झा ने भी उठाए सवाल

वहीं, जदयू से सांसद संजय झा ने भी इस तरह के प्रदर्शन की आलोचना की। संजय झा ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, पेपर लीक चाहे किसी भी परीक्षा का हो, दुर्भाग्यपूर्ण है। राष्ट्रीय और राज्य स्तर की विभिन्न परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं दशकों से हो रही हैं। इसे रोकने के लिए कड़े कानून और पुख्ता व्यवस्था होनी ही चाहिए।

बातचीत के लिए सरकार तैयार- जदयू नेता

जदयू नेता ने कहा कि,हाल में हुए नीट (NEET) पेपर लीक मामले में माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज (21 जुलाई) ही स्पष्ट किया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में कई लोगों को हिरासत में भी लिया गया है। इस समय संसद का मॉनसून सत्र चल रहा है और NDA सरकार नीट पेपर लीक सहित शिक्षा और परीक्षा से जुड़े तमाम मुद्दों पर संसद में बहस के लिए भी पूरी तरह तैयार है।

उन्होंने कहा कि, यह बात नेता प्रतिपक्ष को भी स्पष्ट रूप से बता दी गई है। इसके बावजूद, विपक्ष के नेता संसद में अपनी बात रखने की बजाय संसदीय कार्यवाही को बाधित कर प्रधानमंत्री आवास के निकट सड़क पर हंगामा शुरू कर रहे हैं, तो इसे विरोध का लोकतांत्रिक तरीका नहीं, अराजकता फैलाने की कोशिश ही कहा जाएगा। संसद में चर्चा से भागकर सड़क पर हंगामा करना बताता है कि विपक्ष की मंशा समाधान की नहीं, सिर्फ राजनीति की है। मुझे विश्वास है, देश की जनता इसे भली-भांति समझ रही है।

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