अविनाश श्रीवास्तव/सासाराम। बिहार के रोहतास जिला मुख्यालय सासाराम में शुक्रवार की रात एक बड़ा हादसा हो गया। यहां आयोजित ‘लंदन थीम मेले’ में आनंद ले रहे लोग उस वक्त खौफजदा हो गए, जब एक विशाल ‘ग्रेविटी झूला’ अचानक बेकाबू हो गया। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पायलट बाबा धाम के पास चल रहे इस मेले में रात करीब 10 बजे यह दुर्घटना घटी। झूले का संतुलन बिगड़ते ही उस पर सवार लोग सीधे नीचे गिरने लगे, जिससे पूरे परिसर में चीख-पुकार और भगदड़ मच गई।
तेज रफ्तार में बिगड़ा झूले का संतुलन
चश्मदीदों के मुताबिक, शुक्रवार की रात होने के कारण मेले में भारी भीड़ उमड़ी हुई थी। लोग झूलों और प्रदर्शनियों का लुत्फ उठा रहे थे। इसी बीच, पूरी रफ्तार से चल रहा ग्रेविटी झूला अचानक अनियंत्रित हो गया। जब तक लोग कुछ समझ पाते, झूले पर बैठे लोग एक-एक कर ऊंचाई से नीचे गिरने लगे। इस भयानक मंजर को देखकर मेले में मौजूद सैकड़ों लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे, जिससे स्थिति और भयावह हो गई।
पुलिस ने संभाला मोर्चा, अस्पताल में भर्ती कराए गए घायल
घटना की जानकारी मिलते ही सासाराम मुफस्सिल थाने की पुलिस तुरंत दलबल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से फौरन राहत और बचाव कार्य शुरू किया। सभी घायलों को एंबुलेंस के जरिए सासाराम के सदर अस्पताल स्थित ट्रामा सेंटर पहुंचाया गया। डॉक्टरों के अनुसार, घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं, जिन्हें गंभीर चोटें आई हैं।
मासूम की हालत नाजुक, आक्रोश में स्थानीय लोग
अस्पताल में भर्ती घायलों में सीमा देवी, उषा कुमारी और धीरज कुमार जैसे लोग शामिल हैं। इनमें 10 वर्षीय मासूम धीरज कुमार की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है, जिसे प्राथमिक उपचार देने के बाद बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पताल में रेफर कर दिया गया है। इस हादसे के बाद स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश और दहशत का माहौल है।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी के आरोप, जांच शुरू
स्थानीय लोगों ने मेला प्रबंधन पर सीधा आरोप लगाया है कि उन्होंने सिर्फ पैसे कमाने के चक्कर में सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी की। झूलों की फिटनेस और सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता नहीं थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लापरवाही बरतने वालों और मेला आयोजकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

