अविनाश श्रीवास्तव, सासाराम। पवित्र सावन महीने की शुरुआत के साथ ही आज पहली सोमवारी पर शिव भक्तों में गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है। सासाराम शहर सहित पूरे जिले के विभिन्न शिवालयों में सुबह से ही शिव भक्तों का तांता लगा हुआ है। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से पूरा इलाका गूंज उठा है। श्रद्धालु सुबह से ही कतारों में लगकर शिवलिंग पर जलाभिषेक कर रहे हैं और भगवान शिव की आराधना में लीन हैं।
तिलेश्वर महादेव मंदिर में सुबह 3 बजे से लगी लंबी कतारें
यह अद्भुत और भक्तिमय तस्वीर सासाराम के प्रसिद्ध तिलेश्वर महादेव शिवालय की है। इस ऐतिहासिक मंदिर में सावन की पहली सोमवारी के अवसर पर भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। खास तौर पर महिलाओं की उपस्थिति खासी अधिक देखने को मिल रही है। मंदिर के कपाट खुलते ही भक्तजनों की लंबी कतारें लग गईं। मिली जानकारी के अनुसार, आज सुबह 3:00 बजे से ही श्रद्धालु अनुशासित होकर अपनी बारी का इंतजार करते हुए पूजा-अर्चना और जलाभिषेक कर रहे हैं।
क्या है तिलेश्वर महादेव की मान्यता?
स्थानीय लोगों और पुजारियों के अनुसार, तिलेश्वर महादेव शिवालय में स्थापित शिवलिंग को लेकर एक बेहद अद्भुत मान्यता जुड़ी हुई है। कहा जाता है कि यहां का शिवलिंग प्रत्येक वर्ष तिल-तिल यानी सूक्ष्म रूप से आकार में बढ़ता है। इस चमत्कारिक मान्यता के कारण दूर-दूर से लोग भगवान शिव के दर्शन के लिए यहां पहुंचते हैं। मंदिर परिसर में स्थापित भगवान नंदी की भी विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जा रही है, क्योंकि शिव जी के साथ नंदी की पूजा का भी विशेष महत्व माना गया है।
भक्तों की सभी मनोकामनाएं होती हैं पूर्ण
शिव भक्तों का अटूट विश्वास है कि सावन के इस पवित्र महीने में तिलेश्वर महादेव शिवालय में आकर जो भी सच्चे मन से पूजा-अर्चना और जलाभिषेक करता है, उसकी तमाम बाधाएं और संकट दूर हो जाते हैं। भक्तों का कहना है कि यहां आने से विचलित मन को शांति मिलती है और भगवान शिव अपने हर एक भक्त की मुराद अवश्य पूरी करते हैं। सावन की इस पहली सोमवारी ने पूरे सासाराम को शिवमय बना दिया है और चहुंओर धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण पसरा हुआ है।


