अविनाश श्रीवास्तव, सासाराम। नौहट्टा प्रखंड के भदारा और सिंहपुर के समीप सोन नदी के जलस्तर में वृद्धि के बाद रैयती जमीन का तेजी से कटाव शुरू हो गया है। इस प्राकृतिक आपदा के चलते स्थानीय किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच गई हैं।
सामान्य तौर पर नौहट्टा इलाके की मिट्टी काफी कड़ी और मजबूत होती है, जिसके कारण यहां सोन नदी के तटों पर कटाव की समस्या अपेक्षाकृत कम देखने को मिलती है। बावजूद इसके, इस बार नदी में अत्यधिक पानी और पानी के तेज बहाव के कारण तटों की मिट्टी धंसने लगी है, जिससे किसानों की बहुमूल्य खेती योग्य जमीन के नदी में विलीन होने का खतरा उत्पन्न हो गया है।
घटना की सूचना मिलते ही जल संसाधन विभाग की टीम हरकत में आई और तुरंत स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान तकनीकी टीम ने शिवपुरी शिव मंदिर से सोन नदी के कटाव स्थल की सटीक दूरी की पैमाइश भी की ताकि सुरक्षात्मक उपायों का ब्लूचप्रिंट तैयार किया जा सके।
इसके साथ ही, तेज धार की वजह से तटीय क्षेत्रों में स्थानीय लोगों को आवागमन में हो रही कठिनाइयों का भी आकलन किया जा रहा है।
इस पूरे मामले पर जिलाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि जिला प्रशासन इस स्थिति से पूरी तरह अवगत है। समय रहते प्रभावी कटाव रोधी कार्य सुनिश्चित किए जाएंगे। वर्तमान में नदी का जलस्तर अधिक होने के कारण जैसे ही पानी थोड़ा कम होगा, तुरंत तट संरक्षण की प्रक्रिया को धरातल पर उतारा जाएगा। विभागीय स्तर पर पूरे हालात का गहराई से आकलन कर आवश्यक और त्वरित कार्रवाई की जा रही है, ताकि किसानों के हितों और तटीय सुरक्षा की रक्षा की जा सके।


