उन्नाव के एक इंटर कॉलेज में निजी कार्यक्रम से लौटते समय राष्ट्रगान बजने के दौरान विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के वहां से निकलने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. विवाद बढ़ने पर महाना ने सफाई देते हुए कहा कि राष्ट्रगान दूर बज रहा था और उनकी सलामी ऑडिटोरियम के बाहर हुई थी.

उन्नाव. उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना का उन्नाव से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में वह एक इंटर कॉलेज में आयोजित निजी कार्यक्रम से बाहर निकलते नजर आ रहे हैं. इसी दौरान परिसर में लाउडस्पीकर पर राष्ट्रगान बज रहा था.

वीडियो वायरल होने के बाद उनके इस तरह वहां से जाने को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की टिप्पणियां आने लगीं.

सलामी देकर कार तक पहुंचे महाना

शनिवार को सतीश महाना उन्नाव के एक इंटर कॉलेज में हुए निजी आयोजन में शामिल हुए थे. कार्यक्रम खत्म होने के बाद जब वह बाहर की तरफ जा रहे थे, तभी परिसर में राष्ट्रगान की धुन बज उठी. वीडियो में देखा जा सकता है कि वह कुछ पल के लिए रुके, सलामी दी और फिर अपनी गाड़ी की ओर बढ़ गए. हालांकि सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने दावा किया कि वह राष्ट्रगान पूरा होने से पहले ही वहां से चले गए.

घटना पर उठे सवाल, बंटी लोगों की राय

इस वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है. एक वर्ग ने राष्ट्रगान के समय पालन किए जाने वाले शिष्टाचार का हवाला देते हुए सवाल खड़े किए, तो दूसरे वर्ग ने कहा कि घटना को पूरे संदर्भ के साथ समझा जाना चाहिए. विवाद बढ़ता देख विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने खुद सामने आकर स्पष्टीकरण दिया.

महाना का पलटवार, कहा- निगेटिविटी की हद हो गई

अपनी सफाई में सतीश महाना ने कहा कि राष्ट्रगान उस जगह से काफी दूरी पर बज रहा था, जबकि उन्होंने जो सलामी दी वह ऑडिटोरियम के बाहर हुई थी. उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “क्या सड़क पर यदि कोई राष्ट्रगान बजा रहा है, तो क्या सड़क रुक जाएगी?” सोशल मीडिया पर हो रही चर्चा पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने आगे कहा, “निगेटिविटी की हद हो गई है.” उनका दावा है कि उन्होंने राष्ट्रगान के दौरान रुककर पूरी सलामी दी थी, उसके बाद ही आगे बढ़े.

विवाद पर दो हिस्सों में बंटी प्रतिक्रियाएं

इस पूरे मामले पर लोगों की राय दो हिस्सों में बंटी नजर आ रही है. एक तबका मानता है कि राष्ट्रगान के दौरान पूरी सतर्कता और सम्मान बनाए रखा जाना चाहिए था, जबकि दूसरा तबका महाना के स्पष्टीकरण को उचित मानते हुए इसे बेवजह का विवाद करार दे रहा है. राष्ट्रगान से जुड़े सम्मान और शिष्टाचार को लेकर आमतौर पर लोगों की भावनाएं संवेदनशील रहती हैं, इसलिए किसी सार्वजनिक आयोजन में जनप्रतिनिधि से जुड़ा ऐसा वीडियो सामने आने पर चर्चा होना स्वाभाविक ही है.