अनमोल मिश्रा, सतना। मध्य प्रदेश के सतना जिले में कुपोषण से 4 महीने की बच्ची की मौत हो गई, जबकि जुड़वां भाई की हालत गंभीर है। जिन्हें जिला अस्पताल से हायर सेंटर रीवा रेफर किया गया है, जहां वह PICU में भर्ती है। दोनों बच्चे करीब 15 दिन से बुखार और डायरिया से पीड़ित थे। वहीं प्रशासन ने झोलाछाप डॉक्टर और क्लीनिक को सील कर एफआईआर दर्ज की है।
जानकारी के मुताबिक, मृत बच्ची का नाम सुप्रांशी था, जो मझगवां विकासखंड के सुरांगी निवासी मां विमला और पिता नत्थू प्रजापति की बेटी थी। वहीं 4 महीने के भाई का नाम नैतिक है। सही पोषण और समय पर इलाज न मिलने से दोनों की हालत लगातार बिगड़ती गई। परिजन चौबेपुर उपस्वास्थ्य केंद्र या मझगवां सीएचसी ले जाने के बजाय जुगुलपुर गांव के झोलाछाप से इलाज करा रहे थे। वे 5 बार उसके पास गए। हालत नहीं सुधरी तो 21 अप्रैल शाम 5 बजे मझगवां सीएचसी लेकर गए। जहां से गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर किया गया।
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सतना जिला अस्पताल के PICU में भर्ती के बाद जांच में दोनों बच्चे गंभीर कुपोषण (SAM) से ग्रसित पाए गए। बच्चों का वजन सामान्य से काफी कम था। जांच में सामने आया कि बच्चों को मां का दूध नहीं मिल रहा था। उन्हें बकरी और गाय का दूध पिलाया जा रहा था, जो इस उम्र में खतरनाक है। मृत बच्ची की मां विमला ने बताया कि स्तनपान न होने से ही यह स्थिति बनी थी। टीकाकरण के अलावा किसी योजना का लाभ नहीं मिला।
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आशा कार्यकर्ता ने नियमित संपर्क नहीं किया। बच्चों को मजबूरी में गाय-भैंस का दूध पिला रही थीं। कुपोषण से बच्ची की मौत के बाद प्रशासन हरकत में आया कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम और बीएमओ मझगवां ने झोलाछाप डॉक्टर प्रेमलाल अनुरागी का क्लीनिक सील कर दिया। साथ ही झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज, डॉक्टर को थाने ले जाया गया। पुलिस ने दोनों पर विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की है।

