पानीपत के पास यमुना नदी में नहाने के दौरान चाचा-भतीजे की डूबने से मौत हो गई। परिजनों ने अवैध रेत खनन के कारण बने गहरे कुंडों को हादसे का कारण बताया है।
पानीपत। यमुना नदी में नहाने के दौरान हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। यहां अपने बेटे और भतीजे को डूबता देख एक व्यक्ति ने उन्हें बचाने के लिए यमुना में छलांग लगा दी। वह अपने बेटे की जान बचाने में तो सफल रहा, लेकिन भतीजे को बचाने के प्रयास में खुद भी गहरे पानी में समा गया। इस हादसे में चाचा और भतीजे दोनों की मौत हो गई। परिजनों ने इस दर्दनाक घटना के पीछे यमुना में हो रहे अवैध रेत खनन को जिम्मेदार ठहराया है।
मृतकों की पहचान जाबिर और उसके भतीजे आवेश के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि जाबिर का बेटा और भतीजा काफी देर से घर से लापता थे। उनकी तलाश में जाबिर यमुना किनारे पहुंचा, जहां दोनों बच्चे मौजूद थे। बताया जा रहा है कि जाबिर को देखकर दोनों बच्चे यमुना में उतर गए, लेकिन कुछ ही देर में वे गहरे पानी में फंसकर डूबने लगे। बच्चों को बचाने के लिए जाबिर ने बिना देर किए नदी में छलांग लगा दी।
प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार काफी मशक्कत के बाद जाबिर अपने बेटे को सुरक्षित बाहर निकालने में सफल रहा, लेकिन भतीजे आवेश को बचाने के दौरान वह खुद भी गहरे पानी में डूब गया। देखते ही देखते दोनों पानी में समा गए। घटना के बाद इलाके में चीख-पुकार मच गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए।
परिजनों का आरोप है कि उत्तर प्रदेश की ओर यमुना में अवैध रेत खनन लंबे समय से किया जा रहा है, जिसके कारण नदी में कई स्थानों पर बेहद गहरे कुंड बन गए हैं।
उनका कहना है कि इन्हीं गहरे गड्ढों में फंसने की वजह से जाबिर और आवेश की जान गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। दोनों शवों को बाहर निकलवाकर पानीपत के सामान्य अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए रखवा दिया गया है। अब पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है, वहीं परिजनों ने अवैध खनन पर कार्रवाई की मांग उठाई है।

