दिल्ली के सत्य निकेतन (Satya Niketan) में पांच मंजिला इमारत गिरने से सात लोगों की मौत और कई लोगों के घायल होने के बाद राजधानी में PG की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) तक पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त एमिकस क्यूरी और वरिष्ठ अधिवक्ता ने मामले में अदालत के समक्ष स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की है। रिपोर्ट में सत्य निकेतन हादसे से जुड़ी जानकारी और घटना के बाद सामने आए सुरक्षा संबंधी पहलुओं का उल्लेख किया गया है।

एमिकस क्यूरी अजीत कुमार सिन्हा ने सत्य निकेतन में अप्रैल 2022 में हुई इमारत गिरने की घटना का भी हवाला दिया है। उन्होंने राजधानी में संचालित सभी PG और निजी हॉस्टलों की सुरक्षा जांच, ऑडिट और निरीक्षण कराने की सिफारिश की है। एमिकस क्यूरी की ओर से सुप्रीम कोर्ट से मामले की जल्द सुनवाई करने का अनुरोध किया जाएगा। बताया जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर दोपहर 2 बजे सुनवाई कर सकता है।

ऑडिट और निरीक्षण कराने की मांग

एमिकस क्यूरी की रिपोर्ट में दिल्ली के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के आसपास संचालित सभी PG और निजी हॉस्टलों का समयबद्ध सुरक्षा ऑडिट और निरीक्षण कराने की जरूरत बताई गई है। रिपोर्ट में ऐसे भवनों की सुरक्षा व्यवस्था की नियमित जांच सुनिश्चित करने की सिफारिश की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, 6 सितंबर को दोपहर करीब 1:30 बजे सत्य निकेतन के P-14 में एक इमारत ढह गई थी। इस इमारत में बेसमेंट के अलावा चार मंजिलें थीं और इसे छात्रों के लिए ‘Hostel Daze’ नाम से बॉयज PG के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा था। रिपोर्ट में बताया गया है कि हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत हुई है, जबकि कम से कम 12 लोगों को बचाया गया है।

सत्य निकेतन में बार-बार हो रही घटनाएं

रिपोर्ट में कहा गया है कि सत्य निकेतन में बार-बार इस तरह की घटनाएं होना चिंता का विषय है। दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास स्थित सत्य निकेतन अब छात्रों के रहने के लिए एक प्रमुख केंद्र बन चुका है। इलाके में बड़ी संख्या में PG, निजी हॉस्टल, मेस, खाने-पीने की दुकानें और अन्य व्यावसायिक संस्थान संचालित हो रहे हैं। छात्रों की बड़ी आबादी और लगातार बढ़ती व्यावसायिक गतिविधियों को देखते हुए यहां भवनों की सुरक्षा और नियमों के पालन की नियमित निगरानी को महत्वपूर्ण माना गया है। रिपोर्ट में इसी पृष्ठभूमि में सत्य निकेतन और दिल्ली के अन्य छात्र-बहुल इलाकों में संचालित PG और निजी हॉस्टलों की सुरक्षा जांच और समयबद्ध ऑडिट कराने की जरूरत पर जोर दिया गया है।

2022 में बिल्डिंग गिरने से 2 लोगों की मौत

रिपोर्ट में बताया गया है कि अप्रैल 2022 में भी सत्य निकेतन में एक इमारत गिरने की घटना हुई थी। उस हादसे में 2 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 4 लोग घायल हुए थे। अब दोबारा इसी तरह की घटना सामने आने से यह गंभीर सवाल उठ रहा है कि इलाके में इमारतों की नियमित जांच, खतरनाक भवनों की पहचान और भवन नियमों को लागू करने की व्यवस्था कितनी प्रभावी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के आसपास संचालित सभी PG, निजी हॉस्टलों और छात्रों के रहने वाले अन्य परिसरों की समयबद्ध सुरक्षा जांच की जानी चाहिए। इस दौरान भवन का नक्शा, निर्माण की स्थिति, बेसमेंट, जमीन का उपयोग, संरचनात्मक मजबूती, अग्नि सुरक्षा और आने-जाने के रास्तों समेत सभी प्रमुख सुरक्षा मानकों की जांच की जानी चाहिए।

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