गांधीनगर / राजकोट: लंबे विराम और शुष्क मौसम के बाद बुधवार को सौराष्ट्र के कई इलाकों में मौसम का मिज़ाज अचानक बदल गया और झमाझम बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में तीन अलग-अलग मौसम प्रणालियों (वेदर सिस्टम) के एक साथ सक्रिय होने से 12 से 14 सितंबर के दौरान राज्य के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश की संभावना बनी हुई है।

गांवों और शहरों में जलभराव की स्थिति

बुधवार को जामनगर जिले के ध्रोल तालुका के ग्रामीण क्षेत्रों में भारी बारिश देखने को मिली। ध्रोल के इटारा और हमापर गांवों में बादलों ने जमकर पानी बरसाया, जिससे इटारा गांव की गलियों में पानी बहने लगा। उधर, अमरेली के सावरकुंडला और जाफराबाद में दोपहर बाद मौसम में अचानक बदलाव आया। सावरकुंडला तालुका के खड़सली गांव में मूसलाधार बारिश के चलते गांव की गलियां और निचले इलाके जलमग्न हो गए।

भावनगर के महुवा शहर और उसके आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी अच्छी बारिश हुई। शहर के गांधी बाग, स्टेशन रोड, कॉलेज रोड, स्वामीनारायण मंदिर और कुंभारावाड़ा सहित विभिन्न इलाकों में तेज बारिश से सड़कों पर पानी भर गया।

क्यों बन रहे हैं बारिश के आसार?

मौसम विभाग के मुताबिक:

  • लो प्रेशर एरिया: बंगाल की खाड़ी और बांग्लादेश के पास बना अपर एयर साइक्लोनिक सर्कुलेशन 10 सितंबर को लो प्रेशर एरिया (कम दबाव के क्षेत्र) में तब्दील हो सकता है।
  • स्थानीय साइक्लोनिक सर्कुलेशन: सौराष्ट्र के ऊपर भी एक अपर एयर साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है।
  • मानसून ट्रफ: मानसून ट्रफ की स्थिति अनुकूल बनी हुई है।

इन तीनों प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव के कारण 12 से 14 सितंबर के दौरान सौराष्ट्र और गुजरात के कई इलाकों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है।

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