देवघर। विश्व प्रसिद्ध राजकीय श्रावणी मेले का शुक्रवार को सावन पूर्णिमा के अवसर पर विधिवत समापन हो गया। मेले के समापन के साथ ही बाबा बैद्यनाथ मंदिर के गर्भगृह से अरघा हटा दिया गया है। इसके बाद श्रद्धालुओं के लिए बाबा की स्पर्श पूजा की परंपरा फिर बहाल कर दी गई है। शनिवार सुबह से आम श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ का स्पर्श कर जलार्पण कर सकेंगे।

विशेष पूजा के बाद हटाया गया अरघा

मेले के अंतिम दिन दोपहर करीब 3:30 बजे बाबा मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के बाद अरघा हटाया गया। इसके बाद प्रशासनिक भवन में स्टेट पुरोहित पंडित श्रीनाथ मिश्र के नेतृत्व में अधिकारियों ने संकल्प लिया।

डीसी सौरभ कुमार भुवानिया, एसपी प्रवीण पुष्कर और डीडीसी पीयूष सिन्हा समेत अन्य अधिकारियों ने गर्भगृह में बाबा बैद्यनाथ की षोडशोपचार विधि से पूजा की। इस दौरान दूध, दही, घी, मधु, फूल और बेलपत्र अर्पित कर श्रावणी मेले के सफल आयोजन के लिए बाबा का आभार जताया गया।

भादो मेले में रुद्राभिषेक पर रोक

डीसी सौरभ भुवानिया ने बताया कि आगामी भादो मेले को लेकर प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और व्यवस्था को देखते हुए भादो मेले के दौरान गर्भगृह में रुद्राभिषेक पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। श्रद्धालुओं को कतारबद्ध व्यवस्था के तहत ही दर्शन कराया जाएगा।

वहीं, ‘शीघ्र दर्शनम’ पास 600 रुपये प्रति व्यक्ति की दर से पहले की तरह जारी रहेगा। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और मजिस्ट्रेट की तैनाती की जाएगी।

श्रद्धालुओं में बांटा गया प्रसाद

विशेष पूजा के बाद तारा मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। इस दौरान नगर आयुक्त सुलोचना मीणा, एसडीएम सह मंदिर प्रभारी रवि कुमार, सहायक प्रभारी संतोष कुमार, मुख्य प्रबंधक रमेश परिहस्त समेत कई अधिकारी और मंदिरकर्मी मौजूद रहे।