Business Desk- SBI Bank Strike Details: देश के सबसे बड़े पब्लिक सेक्टर बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के लाखों ग्राहकों को एक बड़ा झटका लगने वाला है। SBI की शाखाएँ लगातार छह दिनों तक बंद रहने वाली हैं। खास तौर पर, कर्मचारी यूनियन 25 और 26 मई, 2026 को बैंक हड़ताल करेंगे। 25 मई को सोमवार है। 26 मई को मंगलवार। इससे पहले, 23 मई को चौथा शनिवार होने के कारण और 24 मई को रविवार होने के कारण बैंक बंद रहेंग।

27 और 28 मई को बकरीद के कारण कई राज्यों में बैंक बंद रहने का कार्यक्रम है। नतीजतन, SBI की शाखाएं कुल मिलाकर छह दिनों तक ग्राहकों के लिए बंद रहेंगी। इस हड़ताल के जरिए, SBI के कर्मचारी अपने अधिकारों की सुरक्षा, बेहतर काम का माहौल और अपनी लंबित मांगों को पूरा करने की मांग कर रहे हैं।

SBI की शाखाएँ लगातार 6 दिनों तक बंद रहेंगी

अगर हड़ताल होती है, तो बैंक लगातार छह दिनों तक बंद रहेंगे। 23 मई (चौथा शनिवार) और 24 मई (रविवार) को बैंक बंद रहेंगे। SBI के कर्मचारी 25 और 26 मई को हड़ताल करेंगे। इसके अलावा, 27 और 28 मई को बकरीद के कारण विभिन्न राज्यों में बैंक बंद रहने का कार्यक्रम है। SBI की शाखाएँ लगातार छह दिनों तक बंद रहने वाली हैं।

SBI के कर्मचारी हड़ताल क्यों कर रहे हैं?

देश के सबसे बड़े पब्लिक सेक्टर बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) में 25 और 26 मई, 2026 को दो दिनों की हड़ताल होने की संभावना है। इस हड़ताल की घोषणा ‘ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ फेडरेशन’ (AISBISF) ने की है।

फेडरेशन का दावा है कि कर्मचारियों की शिकायतों को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है। इसके अलावा, कथित तौर पर कई समझौतों को प्रभावी ढंग से लागू नहीं किया जा रहा है।

यह हड़ताल मुख्य रूप से ‘वर्कमैन’ (Workmen) श्रेणी के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों से संबंधित होगी। यूनियन का आरोप है कि बैंक के भीतर कई फैसले कर्मचारियों से पहले परामर्श किए बिना ही लागू किए जा रहे हैं, जिससे उनके अधिकारों का हनन हो रहा है।

कर्मचारियों ने कई प्रमुख मांगें रखी हैं

फेडरेशन ने बैंक प्रबंधन को 16 मांगों की एक सूची सौंपी है। इन मांगों में नई भर्ती, पेंशन, प्रमोशन और काम की जगह पर मिलने वाली सुविधाओं से जुड़े मुद्दे शामिल हैं। यूनियन का कहना है कि मैसेंजर यानी सपोर्ट स्टाफ की भर्ती कई सालों से रुकी हुई है, जिसकी वजह से यह कैडर खत्म होने की कगार पर पहुँच गया है।

इसके अलावा, बैंक की अलग-अलग ब्रांचों में हथियारबंद गार्डों की कमी को लेकर भी चिंता जताई गई है। सूरत में SBI की एक ब्रांच में हाल ही में हुई लूट की घटना का हवाला देते हुए, यूनियन ने सुरक्षा व्यवस्था को और मज़बूत करने की मांग की है।

NPS और सैलरी को लेकर नाराजगी

कर्मचारियों ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) से जुड़े मुद्दे भी उठाए हैं। उनका कहना है कि उन्हें अपने पेंशन फंड मैनेजर बदलने का विकल्प नहीं दिया जाता यह सुविधा दूसरे पब्लिक सेक्टर बैंकों के कर्मचारियों को मिलती है।

इसके अलावा, यूनियन ने सैलरी में असमानता के मुद्दे को भी उठाया है। उनका तर्क है कि जहाँ अधिकारियों की सैलरी बढ़ाने के लिए एक अलग से “स्पेशल पे” कंपोनेंट दिया जा रहा है, वहीं इस प्रावधान का फ़ायदा वर्कमैन स्टाफ को नहीं दिया जा रहा है।

हड़ताल से पहले विरोध प्रदर्शन

हड़ताल से पहले कर्मचारी कई चरणों में विरोध प्रदर्शन करेंगे। इन गतिविधियों में लंच के समय प्रदर्शन, सोशल मीडिया कैंपेन, प्रेस कॉन्फ्रेंस, धरने और वित्त मंत्री तथा प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपना शामिल है।