माहवारी स्वच्छता और बाल सुरक्षा पर सरकार का बड़ा कदम, सभी स्कूलों में प्राइवेसी, पानी और हैंडवॉश की सुविधा होगी अनिवार्य
धनबाद। झारखंड के सरकारी स्कूलों में अब छात्राओं के लिए अलग शौचालय की व्यवस्था अनिवार्य होगी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में राज्य सरकार ने सभी जिलों के सरकारी विद्यालयों में माहवारी स्वच्छता प्रबंधन (Menstrual Hygiene Management-MHM) और बाल सुरक्षा से जुड़े मानकों को सख्ती से लागू करने का आदेश जारी किया है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर कार्रवाई
यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के डॉ. जया ठाकुर बनाम भारत सरकार एवं अन्य मामले में दिए गए निर्देशों के बाद लिया गया है। इसके तहत धनबाद समेत राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में छात्राओं के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी।
राज्यभर के शिक्षा अधिकारियों को निर्देश
राज्य परियोजना निदेशक शशि रंजन ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) और जिला शिक्षा अधीक्षकों (DSE) को पत्र जारी कर आदेश के त्वरित पालन के निर्देश दिए हैं।
छात्राओं के लिए होंगी ये सुविधाएं
नए निर्देशों के अनुसार सभी स्कूलों में छात्राओं के लिए अलग शौचालय में निम्न सुविधाएं अनिवार्य होंगी—
0 पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था
0 निजता (प्राइवेसी) सुनिश्चित करने वाली संरचना
0 फ्लश और स्वच्छ पानी की उपलब्धता
0 साबुन और हैंडवॉश की सुविधा
0 नियमित साफ-सफाई और रखरखाव
0 स्वच्छता और सुरक्षा पर रहेगा विशेष जोर
सरकार का मानना है कि अलग और सुरक्षित शौचालय की व्यवस्था से छात्राओं की स्वच्छता, स्वास्थ्य, गरिमा और स्कूल में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित होगी। खासकर माहवारी के दौरान उन्हें किसी तरह की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।
शिक्षा विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि विद्यालयों में इन व्यवस्थाओं का शीघ्र क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि छात्राओं को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।


