अमृतसर. जत्थेदार ज्ञानी रघुबीर सिंह और हरप्रीत सिंह को पद से हटाने तथा जथेदार कुलदीप सिंह गड़गज्ज की नियुक्ति को लेकर हुए विवाद के बाद शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने एक बड़ा फैसला लिया है. अब जथेदारों से जुड़े नियमों को शिरोमणि कमेटी तय करेगी.
श्री अकाल तख्त साहिब पहले ही SGPC को इस संबंध में निर्णय लेने के लिए कह चुका था, लेकिन अब SGPC ने इस पर अंतिम फैसला ले लिया है.
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पंथ से मांगे गए सुझाव
SGPC अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार की योग्यता, नियुक्ति, कार्यक्षेत्र, जिम्मेदारियां और सेवा मुक्त करने से संबंधित नियम तय करने के लिए सिख पंथ की विभिन्न संस्थाओं और संगठनों से सुझाव देने की अपील की है.
सुझाव देने वालों में शामिल हैं:
- दमदमी टकसाल
- निहंग सिंह दल
- वैश्विक सिख संस्थाएं
- सिंह सभाएं और दीवाने
- देश-विदेश के सिख विद्वान और बुद्धिजीवी
साझी राय बनाने की कोशिश
SGPC अध्यक्ष ने कहा कि सिख समुदाय लंबे समय से यह मांग कर रहा है कि श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार के पद की गरिमा और महत्व को बनाए रखने के लिए सेवा नियम तय किए जाएं. इसी को ध्यान में रखते हुए, हाल ही में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की आम बैठक में एक सैद्धांतिक प्रस्ताव पारित किया गया.
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इस प्रस्ताव के अनुसार:
- सभी तख्त साहिबानों के जथेदारों की नियुक्ति, सेवाएं और सेवा समाप्ति से जुड़े निर्णयों में सिख समुदाय की संगठनों, संस्थाओं और बुद्धिजीवियों की राय महत्वपूर्ण होगी.
- सुझाव देने की अंतिम तिथि 20 अप्रैल 2025 तय की गई है.
कहाँ भेजें सुझाव?
जो भी व्यक्ति या संस्था SGPC को अपने सुझाव देना चाहती है, वह निम्नलिखित माध्यमों से भेज सकती है:
ईमेल: [email protected] व्हाट्सएप नंबर: 7710136200
SGPC को है जथेदारों को हटाने का अधिकार
गुरुद्वारा एक्ट के तहत, SGPC के पास जथेदारों की नियुक्ति और सेवा समाप्ति का अधिकार है. लेकिन हाल के विवादों को देखते हुए, अब इस प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और संगठित बनाने की दिशा में कदम उठाया जा रहा है.

