अजयारविंद नामदेव, शहडोल। एमपी के शहडोल में शुद्ध पेयजल की मांग को लेकर हुए काला झंडा विरोध का मामला अब सियासी रंग पकड़ता जा रहा है। जन आक्रोश रैली में शामिल होने पहुंचे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मंच से जमकर हमला बोला। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भविष्य में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ इस तरह की बर्बरता की गई तो पार्टी सड़क पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगी। साथ ही उन्होंने शहडोल में अवैध खनन और वन विभाग के अधिकारियों पर हुए हमले को लेकर भी प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए।
शहडोल में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मंच से जिला प्रशासन और पुलिस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर इस तरह की बर्बरता दोहराई गई तो पार्टी सड़क पर उतरकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि बुढार पुलिस ने एक नाबालिग 12वीं के छात्र पर भी मामला दर्ज कर उसे बाल सुधार गृह भेजने के बजाय जेल भेज दिया, जिससे वह बोर्ड परीक्षा में शामिल नहीं हो सका।
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अधिकारियों पर हुए हमले पर जताई नाराजगी
रैली के दौरान पटवारी ने शहडोल में वन विभाग के अधिकारियों पर हुए हमले पर भी नाराजगी जताई और जिले को अवैध खनन का गढ़ बताते हुए प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यहां तक कि डीएफओ को भी पुलिस पर कोल माफियाओं के पक्ष में काम करने की बात कहनी पड़ रही है।
कलेक्टर की अनुपस्थिति से दिखे नाराज
कलेक्ट्रेट पहुंचे पटवारी कलेक्टर की अनुपस्थिति से नाराज दिखे, उन्होंने अधिकारियों के पास जाने के बजाय लगभग 10 मीटर दूर चबूतरे पर खड़े होकर ही अपनी बात रखी और मौजूद विधायक व जिला अध्यक्ष के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। इस दौरान उन्होंने प्रशासन पर जनता की मूलभूत समस्याओं की अनदेखी का आरोप लगाया।
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8 फरवरी को दिखाया था काला झंडा
आपको बता दें कि 8 फरवरी को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव धनपुरी में 20 करोड़ की लागत से बने वाटर पार्क के लोकार्पण के लिए पहुंचे थे। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता केवल शुद्ध पेयजल की मांग को लेकर शांतिपूर्ण विरोध कर रहे थे, लेकिन इसके बदले उन्हें लाठियां मिलीं। कांग्रेस की जन आक्रोश रैली के बाद जिले की सियासत में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।


