हरियाणा के नारायणगढ़ उपमंडल के अंतर्गत शहजादपुर अनाज मंडी में सूरजमुखी की सरकारी खरीद का काम आधिकारिक तौर पर शुरू हो गया है। सरकार द्वारा इस बार सूरजमुखी की फसल के लिए ₹7721 प्रति क्विंटल का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) निर्धारित किया गया है।
राजेश वर्मा, अंबाला। उपमंडल नारायणगढ़ के कस्बा शहजादपुर की अनाज मंडी में सूरजमुखी की सरकारी खरीद विधिवत रूप से शुरू कर दी गई है। इस विशेष अवसर पर मार्केट कमेटी शहजादपुर के अध्यक्ष गोपाल मित्तल, वाइस चेयरमैन जगदीप राणा, सचिव एवं कार्यकारी अधिकारी अनिल पाल तथा हैफेड खरीद एजेंसी शहजादपुर की आधिकारिक प्रतिनिधि गुरविंदर कौर मुख्य रूप से मौजूद रहे। चेयरमैन गोपाल मित्तल ने बताया कि सरकार द्वारा सूरजमुखी की फसल के लिए ₹7721 प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) निर्धारित किया गया है, जिसके तहत किसान अपनी उपज अनाज मंडी में आकर बिना किसी परेशानी के बेच सकते हैं। खरीद प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी एवं सुचारू ढंग से संचालित करने के लिए मंडी प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक प्रबंध पहले ही पूरे कर लिए गए हैं।
किसानों को मिलेगा फसल का पूरा दाम
मार्केट कमेटी शहजादपुर के अध्यक्ष गोपाल मित्तल ने कहा कि प्रदेश सरकार अपनी किसान हितैषी नीतियों के तहत किसानों की सभी फसलों की उचित कीमत सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और इसी कड़ी में एमएसपी पर फसल की खरीद की जा रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी खून-पसीने की मेहनत का पूरा मूल्य दिलाना सरकार की मुख्य प्राथमिकता है और इसी उद्देश्य को पूरा करने के लिए सूरजमुखी की यह सरकारी खरीद आरंभ की गई है। उन्होंने मंडी के निरीक्षण के दौरान बताया कि यहां आने वाले किसानों के लिए सभी मूलभूत सुविधाएं समय रहते उपलब्ध करवाई गई हैं ताकि उन्हें अपनी फसल बेचने के दौरान किसी प्रकार की समस्या या असुविधा का सामना न करना पड़े।
मंडी में किसानों के लिए पुख्ता प्रबंध
चेयरमैन गोपाल मित्तल ने आगे बताया कि भीषण गर्मी को देखते हुए मंडी में किसानों के लिए पीने के स्वच्छ और ठंडे पानी, पर्याप्त बिजली आपूर्ति, साफ-सुथरे शौचालय सहित अन्य सभी आवश्यक सुविधाओं का विशेष रूप से ध्यान रखा गया है। उन्होंने आढ़तियों और अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि मंडी प्रशासन किसानों की सुविधा एवं उनके हितों की रक्षा के लिए पूरी तत्परता के साथ कार्य कर रहा है और फसल बेचने आए किसी भी किसान को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी। खरीद प्रक्रिया के दौरान फसल की तौल और उठान कार्य की भी नियमित रूप से निगरानी की जाएगी ताकि पूरी व्यवस्था सुचारू रूप से बनी रहे और किसानों को समय पर भुगतान मिल सके।

