मोहित भावसार, शाजापुर। मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जहां दलालों ने रुपये लेकर युवकों की शादी करवाई। लेकिन विवाह के कुछ दिन बाद मायके गई दुल्हनें वापस ही नहीं लौटी। जब ठगी का एहसास हुआ तो पीड़ित युवकों ने पुलिस से शिकायत की। जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो एसपी कार्यालय पहुंचकर आवेदन दिया। बताया जा रहा है कि इस मामले के तार देवास में शादी के नाम पर हुई ठगी से जुड़ रहे है। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच पड़ताल में जुटी हुई है।
यह पूरा मामला सुनेरा थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, ग्राम पनवाड़ी के दो युवकों धर्मेंद्र और अर्जुन की शादी दलालों ने रुपये लेकर करवाई थी, लेकिन शादी के कुछ दिन बाद मायके गई दुल्हनें वापस नहीं लौटी। दलालों को शादी के नाम पर दिए गए रुपयों का वीडियो भी परिजनों के पास है। इस मामले में सुनेरा थाने में शिकायत दर्ज कराई है कि दलालों और महिलाओं के एक गिरोह ने उनसे करीब साढ़े पांच लाख रुपये ठग लिए।
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देवास शादी कांड से जुड़ रहे तार
देवास में भी दुल्हों के साथ शादी के नाम पर जो ठगी हुई है, उसके तार भी शाजापुर से जुड़े हुए हैं। शाजापुर जिले में एक गिरोह काम कर रहा है जो शादियों के नाम पर भोले-भाले ग्रामीणों को फंसाकर उन्हें ठगी का शिकार बना रहे हैं। रुपये लेने के बाद दलालों द्वारा शादी नहीं करवाई जाती और शादी करवा दी तो दुल्हन दूसरी बार लौटकर नहीं आती। पीड़ितों ने बताया कि 21 मई को सुनेरा थाने में शिकायत की लेकिन 5 दिन बीतने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। एसपी कार्यालय में भी शिकायत दर्ज कराई।

15 दिन रही दुल्हन, दादी की तबीयत खराब होने का बहाना बनाकर गायब
पहले मामले में, पनवाड़ी निवासी निर्भय सिंह ने बताया कि उनके बेटे धर्मेंद्र की शादी कराने के लिए नारायण पाण्डा, बाबू और सुखराम ने झाबुआ निवासी ज्योति से संपर्क कराया था। आरोप है कि शादी के एवज में उनसे दो लाख रुपये लिए गए। 19 नवंबर 2025 को विवाह संबंधी दस्तावेज भी तैयार किए गए थे। वही निर्भय सिंह के अनुसार, शादी के बाद ज्योति केवल 15 दिन तक घर में रही। इसके बाद वह दादी की तबीयत खराब होने का बहाना बनाकर चली गई और फिर कभी वापस नहीं लौटी।
दूसरी दुल्हन घर से जाने के बाद वापस नहीं लौटी
दूसरे मामले में, अर्जुन ने शिकायत की है कि उसकी शादी रानू बाई मिश्रा से कराने के नाम पर करीब तीन लाख रुपये लिए गए। आरोपियों ने खुद को लड़की के रिश्तेदार बताकर शादी संपन्न कराई थी। अर्जुन के मुताबिक, रानू बाई भी शादी के 15 दिन बाद इंदौर जाने का कहकर घर से चली गई और वापस नहीं आई। अर्जुन ने आरोप लगाया कि महिला अपने साथ मोबाइल फोन और चांदी की पायजेब भी ले गई है।
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दलाल करते है शादियों का सौदा
पीड़ितों का कहना है कि जब उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने उन्हें गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। शिकायतकर्ताओं के पास पैसे देने के वीडियो, शादी के फोटो और कुछ आधार कार्ड भी मौजूद है। इन पूरी शादियों का सौदा बीच में रहने वाले दलाल करते हैं। शिकायत में जिन दलालों का उल्लेख किया गया है, उनमें पहला दलाल नारायण पाण्डा है, जो जिला शाजापुर का निवासी है। दूसरा दलाल बाबू है, जो जिला उज्जैन की तहसील तराना अंतर्गत एक गांव का रहने वाला है। तीसरा दलाल सुखराम है, जो जिला धार का निवासी है। सुखराम इस पूरे गिरोह का मुख्य दलाल बताया जा रहा है। वही लड़कियों से सीधे संपर्क कर बातचीत करता है और शादी तय करवाने का काम करता है। शादी के नाम पर लिए जाने वाले पैसों का लेन-देन भी मुख्य रूप से उसी के माध्यम से किया जाता है। शिकायत में भी पीड़ितों ने इस बात का उल्लेख किया है।


