कुंदन कुमार/पटना। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने एक बार फिर बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को नायक नहीं बल्कि जननायक बताते हुए कहा कि उन्होंने देश की राजनीति में न केवल अपनी जगह बनाई बल्कि कई नेताओं को मुख्यधारा में लाकर उन्हें आगे बढ़ाने का काम किया है।

​सुरक्षा पर विवाद: दया नहीं, अधिकार है

​तेजस्वी यादव और राबड़ी देवी की सुरक्षा को लेकर चल रहे विवाद पर शक्ति सिंह यादव ने स्पष्ट किया कि उन्हें जो सुरक्षा दी गई है वह किसी के दयाभाव या रहम की मोहताज नहीं है। उन्होंने कहा नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री की सुरक्षा सुरक्षात्मक मापदंडों के आधार पर तय की गई है। यह उनके अधिकार और सरकारी प्रोटोकॉल का हिस्सा है। इसे किसी व्यक्ति विशेष की कृपा के रूप में देखना या प्रचारित करना पूरी तरह से गलत और हास्यास्पद है।

​सत्ता पर खलनायक का कब्जा

​राज्य की मौजूदा कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए राजद प्रवक्ता ने कड़े शब्दों का प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि बिहार की सत्ता वर्तमान में ऐसे हाथों में है जिन्हें वे खलनायक की संज्ञा देते हैं। शक्ति सिंह ने आरोप लगाया कि राज्य में एनकाउंटर जैसी घटनाएं हो रही हैं और जब सरकार इन मामलों में चारों तरफ से घिर जाती है तो उनके पास कोई तर्कसंगत जवाब नहीं होता। उन्होंने कहा कि यह सरकार जवाबदेही से भागने की आदी हो चुकी है।

​राजनीतिक शुचिता का पाठ

​शक्ति सिंह यादव ने मुख्यमंत्री को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यह सरकार राजनीतिक शुचिता के अर्थ और उसके महत्व को नहीं समझती है। उन्होंने मुख्यमंत्री को नसीहत देते हुए कहा कि उन्हें बयान देते समय पद की गरिमा और राजनीतिक नैतिकता का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने अंत में चेतावनी भरे लहजे में कहा कि बिहार की जनता बहुत समझदार है और वह सब कुछ देख रही है। समय आने पर इसका जवाब भी जनता ही देगी। राजद का यह रुख साफ करता है कि आने वाले दिनों में बिहार की सियासत और अधिक गरमाने वाली है।