सोहराब आलम/​सुगौली/मोतिहारी। बिहार के मोतिहारी जिले के सुगौली में भरत तिवारी के कथित पुलिस एनकाउंटर का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना के विरोध में स्थानीय लोगों ने सड़कों पर उतरकर अपना आक्रोश व्यक्त किया। न्याय की मांग को लेकर बड़ी संख्या में स्थानीय निवासियों ने एक शांतिपूर्ण कैंडल मार्च निकाला, जिसमें प्रशासन के प्रति गहरी नाराजगी और निष्पक्ष जांच की पुरजोर मांग उठाई गई।

​श्रद्धांजलि और न्याय की गूंज

​कैंडल मार्च के दौरान माहौल पूरी तरह से गमगीन रहा। प्रदर्शनकारियों ने सबसे पहले भरत तिवारी के चित्र पर पुष्प अर्पित किए और मोमबत्तियां जलाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों के हाथों में तख्तियां थीं जिन पर ‘निष्पक्ष जांच हो और हमें न्याय चाहिए जैसे नारे लिखे हुए थे।

​प्रशासन के सामने रखीं प्रमुख मांगें

​प्रदर्शन में शामिल वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि पुलिस द्वारा किए गए इस कथित एनकाउंटर पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि वे कानून का सम्मान करते हैं, लेकिन उन्हें सच्चाई जानने का पूरा अधिकार है। उन्होंने इस मामले में निम्नलिखित मांगें रखीं:

  • ​उच्चस्तरीय जांच: मामले की जांच किसी निष्पक्ष और स्वतंत्र एजेंसी या न्यायिक आयोग से करवाई जाए।
  • ​पारदर्शिता: जांच की प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी रखा जाए ताकि जनता का भरोसा कायम रहे।
  • ​जवाबदेही: यदि इस मामले में कोई भी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

​लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा आंदोलन

​स्थानीय लोगों का स्पष्ट कहना है कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता, तब तक उनका यह लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रहेगा। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही प्रशासन ने ठोस कदम नहीं उठाए, तो भविष्य में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। फिलहाल सुगौली में इस घटना को लेकर चर्चाएं गर्म हैं और हर कोई इस एनकाउंटर के पीछे की हकीकत जानने के लिए उत्सुक है। सुरक्षा के मद्देनजर स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।