पटियाला। शंभू रेलवे ट्रैक पर स्थित ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कारिडोर पर हुए बम धमाके के दौरान मौके पर ही मारे गए आतंकी जगरूप सिंह का शव बीती 28 अप्रैल से राजपुरा के सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखा हुआ है। अब इसे लेकर एक अलग पहलू देखा जा रहा है। खबर है कि मृतक की मां और गांव के लोगों ने शव लेने से मना कर दिया।
खबर है कि मृतक का शव लेने के लिए परिवार और ग्रामीणों ने यह इनकार लिखित रूप में रेलवे पुलिस को सौंप दिया है। जीआरपी के एसएचओ इंस्पेक्टर दिलबाग सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि मृतक के परिवार और ग्रामीणों ने आधिकारिक रूप से शव लेने से मना कर दिया है। इसके बाद सवाल यह है कि अब उसके शव अंतिम संसार कौन करेगा। उन्होंने कहा कि अब पुलिस को नियमानुसार आगे की कार्रवाई करनी होगी, जिसमें पोस्टमार्टम और शव के अंतिम संस्कार को लेकर कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

निहंग सिंह का मनवीर रूप परिजनों के इस निर्णय के बाद यह खबर अब गांव में चर्चा का विषय बन गया है। इस दौरान ही अब एक निहंग सिंह ने मानवीय आधार पर आगे आते हुए जगरूप सिंह का अंतिम संस्कार करने की अनुमति मांगी है। इस संबंध में जीआरपी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि निहंग सिंह ने उनसे संपर्क किया था, लेकिन फिलहाल मामला प्रशासनिक प्रक्रिया के अधीन है।
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