अजय सैनी, भिवानी। ज्येष्ठ मास की अमावस्या के अवसर पर शनिवार को गांव पालुवास स्थित भगवान शनि देव मंदिर में शनि जयंती का पर्व बेहद धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस विशेष दिन पर मंदिर परिसर में भव्य हवन-यज्ञ और विशाल भंडारे का आयोजन किया गया,

जिसमें पालुवास सहित आसपास के अनेक गांवों से आए सैकड़ों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया और भगवान शनि देव के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की विद्वान आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हवन-यज्ञ संपन्न कराया गया। इसके उपरांत भगवान शनि देव को भोग लगाकर भंडारे (प्रसाद वितरण) का भी आयोजन किया गया।

श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर पूरी सुव्यवस्था के साथ बाबा का आशीर्वाद लिया और भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर समाजसेवी एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता नरेश तंवर जीएम ने कहा कि ज्येष्ठ माह की अमावस्या का दिन भारतीय सनातन संस्कृति में बेहद अनूठा और पवित्र माना गया है।

इस बार तो प्रकृति और ग्रहों का अद्भुत तालमेल बैठा है, क्योंकि ज्येष्ठ अमावस्या के दिन ही शनिवार है और इसी दिन भगवान शनि देव का जन्मोत्सव भी है। शनिवार को अमावस्या और शनि जयंती का ऐसा त्रिवेणी महासंयोग बेहद दुर्लभ और कल्याणकारी होता है। नरेश तंवर जीएम ने सनातन परंपराओं को रेखांकित करते हुए आगे कहा कि आज के दिन भगवान शनि देव के साथ-साथ वट वृक्ष की पूजा का भी विधान है।

उन्होंने कहा कि आज ही के दिन सती-सावित्री अपने दृढ़ संकल्प और पातिव्रत्य धर्म के बल पर यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस लेकर आई थीं। जब सत्यवान को नया जीवन मिला, तब वे दोनों वट वृक्ष के नीचे ही विराजमान थे।

यही कारण है कि आज देश की करोड़ों महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और अखंड सौभाग्य के लिए वट वृक्ष की पूजा और परिक्रमा करती हैं। इस दौरान गांव पालुवास सहित आस-पास के गांवों के भी अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।