पश्चिम बंगाल की राजनीति ने एक बार फिर हलचल मचा कर रख दी है. हाल ही में पार्टी के भीतर बढ़ते मतभेदों और नेताओं के बागी होने की चर्चाओं ने राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है. पहले टीएमसी के विधायकों ने बागी तेवर अपनाए और अब सांसद भी अलग राह थामने की कगार पर करीब करीब आ चुके हैं. इसी बीच टीएमसी सांसद शताब्दी रॉय ने पार्टी नेतृत्व पर गंभीर सवाल उठाए हैं.
अब उनके करीबी भी साथ छोड़कर जाने लगे हैं. इसी कड़ी में से एक है शताब्दी रॉय. उन्होंने कहा कि दीदी बदल गईं, हमारी बात नहीं सुनती थीं.
TMC सांसद शताब्दी रॉय ने ममता बनर्जी पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि दीदी तक पहुंच सिर्फ कुछ खास लोगों की ही थी. हमारी बात नहीं सुनती थीं. उनके साथ मेरा एक इमोश्नल कनेक्शन है. शताब्दी रॉय 4 बार की सांसद हैं और 2009 से ममता बनर्जी के साथ जुड़ी हैं.
TMC के बागी सांसदों ने सोमवार 8 जून 2026 को शताब्दी रॉय को अपना डिप्टी लीडर चुना है. TMC के इन बागी सांसदों ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं के साथ मुलाकात की और एनडीए को समर्थन देने की पेशकश तक कर डाली है. शताब्दी रॉय ने आगे कहा कि दीदी के साथ मेरा एक इमोश्नल कनेक्शन है, पर मेरे लिए काम मायने रखता है और इसलिए मैंने यह फैसला किया है.
वहीं, बागी गुट की चीफ व्हिप काकोली घोष दस्तीदार ने कहा है कि बागी सांसदों की संख्या 20 तक पहुंच गई है और ये सभी नेता टीएमसी से अलग होना चाहते हैं.
एक जानकारी के अनुसार शताब्दी रॉय ने बताया कि पार्टी में विधायकों और सांसदों की बगावत की सबसे बड़ी वजह ये है कि ममता बनर्जी तक कुछ खास लोगों की ही पहुंच थी. उन खास लोगों के अलावे ना किसी की सुनी जाती थी और ना ही उन्हें किसी फैसले में शामिल किया जाता था . निर्णय लेने वाली भूमिका में कुछ थोड़े से ही लोग शामिल होते थे.
टीएमसी के बागी सांसदों की बीजेपी नेताओं के साथ मुलाकात से यह साफ है कि ये नेता टीएमसी से अलग होना चाहते हैं. बागी गुट की चीफ व्हिप काकोली घोष दस्तीदार ने दावा किया है कि बागी सांसदों की संख्या 20 तक पहुंच गई है.
एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार शताब्दी रॉय ने बताया कि पार्टी में विधायकों और सांसदों की बगावत की सबसे बड़ी वजह ये है कि ममता बनर्जी तक कुछ खास लोगों की ही पहुंच थी. बाकियों को दरकिनार कर दिया गया, न उन्हें किसी फैसले में शामिल किया जाता था और न ही उनकी बात सुनी जाती थी. बहुत थोड़े से ही लोग निर्णय लेने वाली भूमिका में थे, बाकी को दरकिनार कर दिया गया.
शताब्दी रॉय ने एक मीडिया चैनल से बातचीत में कहा कि पिछले कुछ सालों में जब भी मैंने बोलने की कोशिश की, तो उन्हें चुप रहने के लिए कहा गया. इसलिए मैं पार्टी छोड़ रही हूं क्योंकि हमारी आवाज नहीं सुनी गई. मैं लोगों के लिए काम करना चाहती हूं.
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