शेखपुरा। जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। अरियरी प्रखंड के कसार थाना क्षेत्र स्थित कसार गांव में मंगलवार की सुबह दो किशोरों के शव बोरे में बंद हालत में मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। शवों के मिलने की खबर जंगल में आग की तरह फैली और देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय विधायक रणधीर कुमार सोनी भी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया।

​सुबह टहलने निकले ग्रामीणों ने देखा

​यह खौफनाक मंजर मंगलवार सुबह तब सामने आया जब कसार गांव के कुछ ग्रामीण रोजाना की तरह पोखर (तालाब) की तरफ टहलने निकले थे। उन्होंने पानी के किनारे संदिग्ध अवस्था में पड़े दो बोरों को देखा। जब पास जाकर देखा गया तो उसमें लाशें होने का शक हुआ। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना कसार थाना पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जब बोरों को खुलवाया, तो दोनों बच्चों की लाशें देखकर हर कोई दंग रह गया। दोनों मृत किशोरों की पहचान 12 वर्षीय अंकुश पासवान और 13 वर्षीय पीयूष राउत के रूप में की गई है।

​मां ने कपड़ों और कमर की कौड़ी से की बेटे की पहचान

​घटनास्थल पर चीख-पुकार के बीच पहुंची मृतक पीयूष की मां टुन्नी देवी ने अपने कलेजे के टुकड़े की पहचान की। बदहवास मां ने रोते हुए बताया कि उसका बेटा बीते रविवार से ही लापता था। उसने बताया, “कुछ दिन पहले ही मैंने बेटे का मुंडन कराया था। मुंडन के समय उसने जो कपड़े पहने थे, यह शव उसी कपड़े में है और उसके कमर में बंधी कौड़ी भी वैसी ही है।” टुन्नी देवी ने यह भी साझा किया कि ग्रामीणों ने पहले उन्हें सांत्वना दी थी कि उनका बेटा राजगीर में चल रहे मलमास मेले में घूमने गया होगा, लेकिन मंगलवार को उसकी लाश मिलने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

ASP ने जताई हत्या की आशंका

​वारदात की गंभीरता को देखते हुए कसार थाना पुलिस के साथ-साथ जिले के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। शेखपुरा के एएसपी (ASP) डॉ. राकेश कुमार ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि शुरुआती जांच में ऐसा लगता है कि दोनों किशोरों की हत्या कहीं और की गई है और साक्ष्य छुपाने के इरादे से शवों को बोरे में बंद कर कसार गांव के पोखर किनारे फेंक दिया गया। एएसपी ने कहा कि परिजनों ने शवों की शिनाख्त कर ली है, लेकिन मौत की सही वजह और अन्य संशय पोस्टमार्टम व गहन जांच के बाद ही साफ हो पाएंगे। मामले के वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक इन्वेस्टिगेशन (FSL) की टीम और डॉगविजय स्क्वायड को भी घटनास्थल पर बुलाकर बारीकी से तफ्तीश की जा रही है।

​15 दिनों में 5 मर्डर: पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल

​इस दोहरे हत्याकांड के बाद स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों में पुलिस प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है। शेखपुरा जिले में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि पिछले महज एक पखवाड़े (15 दिन) के भीतर जिले में 5 लोगों की हत्या कर शव फेंके जाने के मामले सामने आ चुके हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि इन 5 में से 4 हत्याएं अकेले अरियरी प्रखंड में हुई हैं। इससे पहले बिसहिया निवासी मुन्नी देवी और बरसा गांव के 5 वर्षीय मासूम दीपांशु की भी बेरहमी से हत्या कर दी गई थी।
​जहां पुलिस ने बरसा गांव मामले का खुलासा करते हुए 4 आरोपियों को जेल भेज दिया है, वहीं मुन्नी देवी हत्याकांड में पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं। इस बढ़ती आपराधिक कड़ियों को लेकर पंचायत समिति सदस्य रोहित राज, भाजपा नेता मृत्युंजय कुमार और सीपीआई (CPI) के जिला मंत्री प्रभात कुमार पांडेय सहित कई राजनीतिक और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने तीखा आक्रोश व्यक्त किया है। नेताओं ने पुलिसिया कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए जिला प्रशासन से इस दोहरे हत्याकांड का अविलंब खुलासा करने और दोषियों को सलाखों के पीछे भेजने की पुरजोर मांग की है।