अनुज कुमार पाण्डेय, गोपालगंज। शिक्षिका के विदेश में रहने के दौरान स्कूल और प्रशिक्षण संस्थान में फर्जी उपस्थिति दर्ज किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। शिकायतों के बाद जब यह मामला डीडीसी तक पहुंचा, तब प्राथमिक जांच शुरू की गई जिसमें चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। अब शिक्षा विभाग ने इस प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए साक्ष्य के साथ बिंदुवार दोबारा जांच के आदेश दिए हैं।
सऊदी अरब प्रवास और गायब उपस्थिति पंजी
पूरा मामला थावे प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय मुकेरी टोला की तत्कालीन शिक्षिका सना रेयाज से जुड़ा है, जो वर्तमान में सदर प्रखंड के उर्दू प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत हैं। जांच के दौरान शिक्षिका के पासपोर्ट और ई-टिकट का सत्यापन किया गया, जिससे पुष्टि हुई कि वह 21 जनवरी 2017 को नई दिल्ली से सऊदी अरब गई थीं और 30 मार्च 2017 को भारत वापस लौटी थीं।
हैरानी की बात यह है कि इस पूरी अवधि के दौरान स्कूल और डीएलएड प्रशिक्षण से जुड़े अभिलेखों में उनकी हाजिरी दर्ज पाई गई। इतना ही नहीं, डायट थावे प्रशिक्षण केंद्र की वह उपस्थिति पंजी भी गायब बताई जा रही है, जिसमें हाजिरी का ब्योरा दर्ज था।
बच्चे के जन्म वाले दिन भी दर्ज मिली हाजिरी
जांच का एक अन्य महत्वपूर्ण बिंदु नवंबर 2017 की विद्यालय उपस्थिति से संबंधित है। उपलब्ध जन्म प्रमाण पत्र के अनुसार शिक्षिका के पुत्र का जन्म 2 नवंबर 2017 को हुआ था। पूर्व में हुई जांच में यह बात सामने आई थी कि संबंधित महीने की उपस्थिति पंजी में भी शिक्षिका को उपस्थित दर्शाया गया था। विभाग अब इस बिंदु की भी गहनता से दोबारा पड़ताल कर रहा है।
नियमों के उल्लंघन पर कसता शिकंजा
डीएलएड सत्र 2016-18 के तहत न्यूनतम 80 प्रतिशत उपस्थिति का होना अनिवार्य था। ऐसे में विदेश प्रवास के दौरान दर्ज उपस्थिति पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। विभाग यह भी जांच कर रहा है कि क्या शिक्षिका ने विदेश यात्रा के लिए शिक्षा विभाग से नियमानुसार पूर्व अनुमति ली थी या नहीं, और उनका अवकाश किस आधार पर स्वीकृत किया गया था।
निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई का आश्वासन
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थापना डीपीओ विनय कुमार सुमन ने सदर प्रखंड के बीईओ नीरज कुमार को सभी बिंदुओं पर साक्ष्य के साथ रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। बीईओ नीरज कुमार ने बताया कि शिक्षिका को बीआरसी बुलाकर उनसे जानकारी ली गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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