वैशाली। जिले के राघोपुर प्रखंड के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने के लिए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय केंद्रीय टीम ने बिहार का दौरा किया। इस महत्वपूर्ण दौरे के दौरान बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी उनके साथ मौजूद रहे, जिससे प्रशासनिक स्तर पर राहत और नुकसान के आकलन की गंभीरता साफ झलकती है।

​नाव और ट्रैक्टर से पहुंचे जलजमाव वाले खेतों तक

​दौरे की शुरुआत में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और सम्राट चौधरी ने तेरसिया दियारा पहुंचकर बाढ़ प्रभावित इलाकों का जमीनी मुआयना किया। सबसे पहले दोनों नेता नाव के जरिए उन हिस्सों में गए जहां बाढ़ का पानी अब भी खेतों और रिहायशी इलाकों के आसपास जमा हुआ था। इसके बाद जलजमाव की वास्तविक और जमीनी स्थिति को बहुत करीब से देखने के लिए दोनों नेता ट्रैक्टर पर सवार होकर भीतर के प्रभावित इलाकों तक पहुंचे। खेतों में सीधे उतरकर उन्होंने फसलों को हुए नुकसान का जायजा लिया और वहां मौजूद किसानों से बातचीत करके उनकी परेशानियों की पूरी जानकारी ली।

​केले की खेती को भारी नुकसान और किसानों की चिंताएं

​राघोपुर का तेरसिया इलाका विशेष रूप से बड़े पैमाने पर केले की खेती के लिए पूरे राज्य में जाना जाता है। हालांकि, इस बार लगातार बाढ़ के पानी और जलजमाव ने यहां के किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। केले की फसल के साथ-साथ अन्य स्थानीय फसलों को भी भारी क्षति पहुंची है। कई खेत हफ्तों से पानी में डूबे हुए हैं, जिसके कारण किसानों के सामने अपनी आजीविका बचाने, खेतों से पानी की निकासी करने और अगली फसल की बुवाई की तैयारी करने जैसी बड़ी चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।

​प्रशासनिक समीक्षा बैठक

​तेरसिया और सरायपुर में जमीनी निरीक्षण पूरा करने के बाद केंद्रीय टीम पटना के लिए रवाना होगी, जहां प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में बाढ़ से हुए कुल नुकसान और अब तक चलाए जा रहे राहत कार्यों की विस्तृत समीक्षा होगी। इसके बाद केंद्रीय टीम द्वारा बिहार के अन्य बाढ़ प्रभावित जिलों जैसे मुंगेर और भागलपुर के क्षेत्रों का भी दौरा किया जाएगा। फिलहाल, इस केंद्रीय दौरे से राघोपुर के किसानों में नुकसान के सही आकलन और भविष्य में मिलने वाली उचित सरकारी राहत को लेकर उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं।