हेमंत शर्मा, इंदौर। कनाड़िया थाना क्षेत्र के झलारिया गांव से सामने आई वारदात ने रिश्तों, भरोसे और इंसानियत—तीनों को झकझोर दिया है। जिस पिता से बच्चों को सुरक्षा और जिस पति से पत्नी को जिंदगी भर साथ की उम्मीद होती है, उसी पर अपनी पत्नी की हत्या और दो मासूम बच्चों को तालाब में फेंकने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, घटना के पीछे पत्नी के चरित्र पर शक की बात सामने आई है। वारदात में 12 साल की बच्ची की मौत हो गई, जबकि 8 साल का बेटा किसी तरह जान बचाकर बाहर निकल आया।

शक का ऐसा जुनून… कि पति बना परिवार का कातिल

बताया जा रहा है कि आरोपी सुनील चौहान पेशे से ड्राइवर है और लंबे समय से अपनी पत्नी के चरित्र पर शक करता था। इसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच आए दिन विवाद और झगड़े होते थे। हालात इतने बिगड़े कि परिवार ने कुछ समय पहले बाबूगांधी नगर का मकान छोड़ दिया और झलारिया में रहने लगा। लेकिन घर बदलने से हालात नहीं बदले। आरोप है कि सुनील के मन में पल रहा शक और गुस्सा इतना बढ़ चुका था कि उसने अपने ही परिवार के खिलाफ खौफनाक कदम उठा लिया।

रात के अंधेरे में पत्नी और बच्चों को लेकर निकला

सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात आरोपी अपनी पत्नी और दोनों बच्चों को घर से बाहर लेकर निकला। बताया जा रहा है कि वह उन्हें घूमने के बहाने तालाब के पास ले गया। सुनसान इलाके में पहुंचने के बाद हालात अचानक खूनी हो गए। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने पहले अपनी पत्नी की हत्या की। इसके बाद चाकू से उसके चेहरे पर भी वार किए गए। वारदात की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि महिला की हत्या के बाद भी आरोपी ने कथित तौर पर बच्चों को नहीं छोड़ा।

पत्नी के बाद मासूम बच्चों की बारी… तालाब में फेंका

आरोप है कि सुनील ने अपनी 12 साल की बेटी माही और 8 साल के बेटे अजय को तालाब में फेंक दिया।जरा सोचिए… जिन बच्चों के लिए पिता दुनिया का सबसे सुरक्षित सहारा होता है, उन्हीं बच्चों के सामने मौत खड़ी थी। अंधेरी रात, गहरा पानी और सामने अपना ही पिता… इस मंजर की कल्पना ही दिल दहला देने वाली है। तालाब में डूबने से 12 साल की माही की मौत हो गई। वहीं 8 साल के अजय ने हिम्मत नहीं हारी। उसने किसी तरह तैरकर तालाब से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई।

8 साल के अजय ने मौत को दी मात

अजय के लिए यह सिर्फ हादसा नहीं, बल्कि जिंदगी का सबसे भयावह अनुभव था। बहन उसकी आंखों के सामने पानी में समा गई और मां को खोने का सदमा भी उसके सामने था। इसके बावजूद उसने हिम्मत दिखाई।तालाब से निकलने के बाद वह अंधेरे में किसी तरह पास के गांव तक पहुंचा। घबराए और डरे हुए अजय ने ग्रामीणों को जो बताया, उसे सुनकर लोगों के होश उड़ गए। मासूम ने अपनी मां की हत्या और बहन के तालाब में डूबने की पूरी बात बताई। एक 8 साल के बच्चे की यह हिम्मत उस रात परिवार के बाकी सदस्यों की आखिरी उम्मीद बन गई।

हत्या के बाद आत्महत्या का ड्रामा? पुलिस ने दबोचा

घटना की सूचना मिलते ही कनाड़िया थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने महिला के शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की और तालाब में बच्ची की तलाश कराई। पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद आरोपी ने खुद भी आत्महत्या की कोशिश का ड्रामा किया, लेकिन पुलिस ने उसे पकड़ लिया। फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है।

एक शक ने तीन जिंदगियां उजाड़ दीं

यह वारदात सिर्फ हत्या की कहानी नहीं है। यह उस जहरीली मानसिकता की तस्वीर है, जिसमें शक रिश्ते से बड़ा हो जाता है और गुस्सा इंसान को इंसान से हैवान बना देता है। एक पत्नी की जिंदगी खत्म हो गई। 12 साल की मासूम माही हमेशा के लिए इस दुनिया से चली गई। और 8 साल का अजय जिंदा तो बच गया, लेकिन अपनी आंखों के सामने मां की हत्या और बहन की मौत का ऐसा जख्म लेकर जीने को मजबूर है, जिसे शायद वक्त भी आसानी से नहीं मिटा पाएगा।

मृतका, अनिता चौहान

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