जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले के सैदपोरा पायीन (छानपोरा) इलाके में शनिवार को भारतीय सुरक्षाबलों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के दो शीर्ष आतंकियों को मुठभेड़ में मार गिराया। मारे गए आतंकियों की पहचान जाकिर अहमद गनी और उसके साथी लतीफ भट के रूप में हुई है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, दोनों दक्षिण कश्मीर में कई आतंकी गतिविधियों में सक्रिय थे।

कैसे शुरू हुआ ऑपरेशन?

यह ऑपरेशन शुक्रवार दोपहर शुरू हुआ, जब मीमंदर इलाके के एक बाग में सेना के निगरानी कैमरों में दोनों आतंकी दिखाई दिए। इसके बाद भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने संयुक्त अभियान चलाकर पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी। एहतियातन आसपास के चार गांवों को खाली कराया गया।

शुक्रवार शाम करीब 7:45 बजे सुरक्षाबल जब आतंकियों के ठिकाने के करीब पहुंचे तो उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में मुठभेड़ छिड़ गई। रात में अंधेरा बढ़ने के कारण अभियान अस्थायी रूप से रोक दिया गया, जिसे शनिवार सुबह फिर शुरू किया गया।

‘विक्टर फोर्स’ ने संभाला मोर्चा

सेना की विशेष आतंकवाद विरोधी यूनिट ‘विक्टर फोर्स’ ने ऑपरेशन की कमान संभाली। जवानों ने बाग के चारों ओर घेरा बनाकर आतंकियों के भागने के सभी संभावित रास्ते बंद कर दिए। पूरे इलाके में अतिरिक्त जवानों की तैनाती और रोशनी की व्यवस्था की गई, जिसके बाद दोनों आतंकियों को मार गिराया गया।

जाकिर गनी पर कई बड़े मामलों में थी नजर

सूत्रों के अनुसार, कुलगाम के मुतलहम गांव का निवासी जाकिर अहमद गनी 2024 से लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा था। अक्टूबर 2025 में NIA कोर्ट ने उसके खिलाफ नोटिस जारी किया था। उसका नाम अप्रैल 2026 के पहलगाम आतंकी हमले की जांच में भी सामने आया था। वहीं, लतीफ भट पिछले वर्ष आतंकी संगठन में शामिल हुआ था।

14 आतंकियों की सूची में शामिल था जाकिर

पहलगाम हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने 14 स्थानीय आतंकियों की सूची जारी की थी, जिसमें जाकिर अहमद गनी का नाम भी शामिल था। यदि उसकी मौत की आधिकारिक पुष्टि हो जाती है, तो इस सूची के 14 में से 9 आतंकी अब तक मारे जा चुके होंगे। शेष 5 आतंकियों की तलाश में सुरक्षा एजेंसियां लगातार अभियान चला रही हैं।

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