पटना। श्रावणी मेला 2026 को लेकर भक्तों में भारी उत्साह है। इस बार 30 जुलाई से शुरू होने वाले इस ऐतिहासिक मेले को एक नई और भव्य पहचान देने के लिए बिहार सरकार ने विशेष तैयारी की है। पर्यटन विभाग के अनुसार, इस बार अजगैबीनाथ धाम (सुल्तानगंज) से लेकर देवघर तक की यात्रा में श्रद्धालुओं को आधुनिक तकनीक और धार्मिक आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।
ड्रोन शो और लेजर शो का जादू
इस वर्ष के मेले का मुख्य आकर्षण ‘ड्रोन शो’ होगा। आकाश में दर्जनों ड्रोन एक साथ उड़ान भरेंगे और हवा में भगवान शिव की विशाल आकृति, त्रिशूल, डमरू और ‘हर-हर महादेव’ जैसे संदेशों को जीवंत करेंगे। इसके अलावा, गंगा तट पर वॉटर स्क्रीन और लेजर शो का आयोजन किया जाएगा। गंगा के पानी की विशाल स्क्रीन पर अजगैबीनाथ धाम के ऐतिहासिक महत्व, उत्तरवाहिनी गंगा की महिमा और कांवर यात्रा की पूरी कहानी दृश्यात्मक रूप में दिखाई जाएगी।
बिहार के प्रमुख शिव मंदिरों की थीम पर आधारित सजावट
मेले के दौरान पूरे मार्ग को शिवमयी बनाने के लिए विशेष मोटिफ थीम लाइटिंग की व्यवस्था की जा रही है। इसमें भगवान शिव, त्रिशूल, डमरू, ओम और कांवर जैसे पवित्र प्रतीकों को आकर्षक रोशनी के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। साथ ही, बिहार के प्रमुख शिव मंदिरों जैसे मुजफ्फरपुर का गरीबनाथ मंदिर और सीतामढ़ी का हलेश्वर स्थान की महत्ता को लेजर शो के जरिए भक्तों के सामने रखा जाएगा।
तैयारियों में जुटी प्रशासनिक टीम
बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम ने इन कार्यों के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जनसंपर्क पदाधिकारी रवि शंकर उपाध्याय ने बताया कि इस पूरी व्यवस्था की फीजिबिलिटी जांचने के लिए एक टीम का गठन किया गया है। वर्तमान में गंगा के जल स्तर की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए काम किया जा रहा है। एजेंसी चयन की प्रक्रिया 30 जून तक पूरी कर ली जाएगी, ताकि समय रहते भक्तों के लिए एक दिव्य अनुभव सुनिश्चित किया जा सके।
यह पहल न केवल कांवरियों के अनुभव को यादगार बनाएगी, बल्कि बिहार के धार्मिक पर्यटन को भी वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान देगी। 30 जुलाई से शुरू होने वाला यह आयोजन आस्था और आधुनिकता का एक अनुपम उदाहरण बनकर उभरेगा।

