संजय पाटीदार, भोपाल। मध्यप्रदेश की यूनिवर्सिटियों में शिक्षा व्यवस्था को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन सवाल तब खड़े होते हैं, जब इन्हीं संस्थानों में नियमों की अनदेखी और अनियमितताओं के मामले सामने आते हैं। आखिर उच्च शिक्षा के मंदिर कहे जाने वाले विश्वविद्यालयों में व्यवस्था इतनी लचर कैसे हो गई कि नियम-कायदों को दरकिनार कर रहे है। सवाल सिर्फ अनियमितता का नहीं बल्कि उस पूरी व्यवस्था का है, जो निगरानी और कार्रवाई के बावजूद ऐसे मामलों को रोकने में नाकाम क्यों दिखाई देती है।

अब ऐसा ही एक मामला मध्यप्रदेश के छतरपुर में श्री कृष्णा यूनिवर्सिटी डिपार्टमेंट ऑफ नर्सिंग पर गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। यूनिवर्सिटी प्रबंधन पर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर फर्जी फैकल्टी दिखाकर मान्यता हासिल की है। श्री कृष्णा यूनिवर्सिटी के नर्सिंग डिपार्मेंट संचालकों ने उत्तरप्रदेश के गायत्री नर्सिंग कॉलेज के प्रोफेसर विष्णु कुमार प्रजापति के दस्तावेजों का कथित तौर पर बिना अनुमति इस्तेमाल कर उन्हें वाइस प्रिंसिपल बताकर नर्सिंग पाठ्यक्रम की मान्यता प्राप्त की है। अब इस फर्जीवाड़े की शिकायत नर्सिंग रजिस्ट्रार काउंसिल और राज्य निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग तक पहुंच चुकी हैं। जल्द ही कार्यवाही का डंडा यूनिवर्सिटी पर चलने वाला है।

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फर्जी फैकल्टी दर्शाकर मान्यता प्राप्त करने का आरोप

छतरपुर की इस श्री कृष्ण यूनिवर्सिटी डिपार्टमेंट ऑफ नर्सिंग के संचालकों पर NSUI प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने गंभीर आरोप लगाए हैं। श्री कृष्णा यूनिवर्सिटी के संचालकों ने शैक्षणिक सत्र 2024-25 और 2025-26 के लिए फर्जी फैकल्टी दर्शाकर मान्यता प्राप्त की। यूनिवर्सिटी ने विष्णु कुमार प्रजापति के दस्तावेजों का कथित रूप से गलत तरीके से उपयोग किया गया और उन्हें यूनिवर्सिटी का वाइस प्रिंसिपल दिखाकर मान्यता हासिल की गई। जब इस पूरे मामले की जानकारी विष्णु कुमार प्रजापति को मिली, तो उन्होंने इसका विरोध करते हुए शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनका श्री कृष्णा यूनिवर्सिटी से किसी भी प्रकार का कोई संबंध नहीं है और उनकी जानकारी व सहमति के बिना उनके दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया है।

उच्च शिक्षा मंत्री ने कही ये बात

बताया जा रहा है कि इस संबंध में 7 सितंबर 2025 को मध्यप्रदेश नर्सेज रजिस्ट्रेशन काउंसिल के तात्कालिक अध्यक्ष को शिकायत भेजी गई। इसके बाद 20 फरवरी 2025 को नर्सिंग काउंसिल को भी ईमेल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि उनके नाम, उपनाम का उपयोग फर्जी दस्तावेजों में किया गया है, लेकिन अब जल्द ही कार्रवाई की गाज यूनिवर्सिटी प्रशासन पर गिरने वाली है। उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि विश्वविद्यालय की शिकायत के लिए निजी विनियामक आयोग बनाया गया है। वह उसकी कार्रवाई करता है, वह स्वतंत्र आयोग है। सरकार रोज उनसे हस्तक्षेप नहीं करती है।

कांग्रेस ने उठाए ये सवाल

कांग्रेस प्रवक्ता स्वदेश शर्मा ने कृष्णा यूनिवर्सिटी में कथित तौर पर गलत फैकल्टी दर्शाकर मान्यता लेने के मामले में शिक्षा विभाग पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार का यह कहना कि मामले पर विनियामक आयोग नजर रखता है, उनका यह कहना जिम्मेदारी से बचने जैसा है। स्वदेश शर्मा ने आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग में लगातार गड़बड़ियां सामने आ रही हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने श्री कृष्णा यूनिवर्सिटी के मामले में भी कार्रवाई की मांग की।

श्री कृष्णा यूनिवर्सिटी पर लगे फर्जी फैकल्टी के आरोपों ने उच्च शिक्षा व्यवस्था की निगरानी पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। शिकायतें जिम्मेदार संस्थाओं तक पहुंच चुकी हैं। अब जांच की आंच यूनिवर्सिटी प्रशासन तक पहुंचने का इंतजार है। अब सीधा सवाल यह है कि अगर दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल हुआ तो जिम्मेदार कौन और कार्रवाई कब होगी।

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