सोहराब आलम, मोतिहारी। बिहार में लगातार हो रही बारिश से एक तरफ जहां किसानों के लिए चेहरे खिल उठे हैं। तो वहीं, दूसरी तरफ नेपाल के रास्ते आने वाले बारिश के पानी की वजह से नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है, जिसके कारण निचले इलाकों और नदी के किनारे बसे गांवों के लोगों की धड़कने बढ़ने लगी हैं। इन इलाके के लोगों को बाढ़ का खतरा सताने लगा है।
गौरतलब है कि हर साल बिहार में बाढ़ आने से कई घर और परिवार पूरी तरह से तबाह हो जात हैं। कुछ ऐसा ही हाल इस समय पूर्वी चंपारण के सुगौली प्रखंड के लालपरसा दखिनवारी टोला वार्ड नंबर-5 में बसे लोगों का है।
सिकरहना नदी में कटाव से दहशत में लोग
दरअसल सिकरहना नदी का कटाव लगातार भयावह होता जा रहा है। तेज बहाव के कारण कई फीट जमीन नदी में समा चुकी है, जिससे आधा दर्जन परिवारों के घरों पर खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जल्द कटाव निरोधी कार्य शुरू कराने की मांग की है। नेपाल तराई में लगातार हो रही बारिश के बाद सिकरहना नदी का जलस्तर बढ़ने से सुगौली प्रखंड के लालपरसा दखिनवारी टोला में कटाव तेज हो गया है।
चार साल से जारी है कटाव
हालात ऐसे हैं कि लालपरसा दखिनवारी टोला वार्ड नंबर 5 निवासी कृपा देवी और सुमन प्रसाद का घर नदी के बिल्कुल किनारे पहुंच गया है और कभी भी नदी में समा सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले चार वर्षों से कटाव लगातार जारी है, लेकिन प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
बेघर होने के कगार पर कई परिवार
निवासी सुभाष पटेल, ढोराई पटेल, पासपत पटेल, उमाशंकर पटेल और चंदन पटेल ने बताया कि हर रात जमीन कटने की आवाज सुनकर परिवार दहशत में रहता है। यदि जल्द सुरक्षा कार्य नहीं कराया गया तो कई परिवार बेघर हो जाएंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल कटाव निरोधी कार्य शुरू कर स्थायी समाधान की मांग की है।
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