राकेश चतुर्वेदी, भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बाबा महाकाल की पवित्र नगरी उज्जैन हर काल में अपनी आभा, कीर्ति और प्रसिद्धि के लिए जानी जाती रही है। वर्ष 2028 में आयोजित होने वाले उज्जैन सिंहस्थ को भव्य और दिव्य रूप दिया जाएगा, जिसके लिए जनता का पूर्ण सहयोग मिल रहा है। उज्जैन में मिल रहा यह जनसहयोग पूरी दुनिया के लिए एक उत्कृष्ट उदाहरण है।

लोगों ने स्वेच्छा से हटाए अपने मकान और धार्मिक स्थल

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा महाकाल की कृपा से उज्जैन अपने प्राचीन गौरव को पुनः प्राप्त करने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। शहर में कई विकास कार्य चल रहे हैं, जिसमें सभी वर्गों के लोगों का अभूतपूर्व समर्थन मिल रहा है। निवासियों ने स्वयं आगे आकर अपने मकान, दुकानें और यहां तक कि स्वेच्छा से मंदिर, मस्जिद व गुरुद्वारे तक हटाकर विकास कार्यों में अमूल्य सहयोग दिया है।

‘बाबा महाकाल उत्तर और दक्षिण भारत का करवा रहे मेल’

डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में ‘श्री महाकाल महालोक’ के निर्माण के बाद सनातन संस्कृति और धार्मिक पर्यटन की धारा पूरे विश्व में बह रही है। बाबा महाकाल उत्तर और दक्षिण भारत की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा के मेल का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि सावन-भादो मास में बाबा महाकाल की सवारी के दर्शन कर श्रद्धालु कृतार्थ हो रहे हैं और भक्ति की गंगा में डुबकी लगा रहे हैं।

रामघाट पर चन्द्रमौलेश्वर स्वरूप का किया पूजन

मुख्यमंत्री ने सोमवार को उज्जैन स्थित रामघाट पर भूत भावन भगवान महाकालेश्वर की पंचम सवारी का स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने पालकी में विराजित भगवान चन्द्रमौलेश्वर के स्वरूप का विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार सनातन विरासत से पूरी दुनिया को परिचित कराने और जनकल्याणकारी कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m