सिरसा। हरियाणा कांग्रेस की सिरसा इकाई में संगठनात्मक खींचतान खुलकर सामने आने लगी है। जिलाध्यक्ष संतोष बेनिवाल और पार्टी के विधायकों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस की प्रस्तावित बैठक से पहले पहले जिलाध्यक्ष के बयानों पर विधायक गोकुल सेतिया ने सोशल मीडिया पर लगातार चार पोस्ट कर प्रतिक्रिया दी। वहीं कालांवाली विधायक शीशपाल कहरवाला ने भी जिलाध्यक्ष के बयान पर टिप्पणी की। इस घटनाक्रम ने जिले में कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
संगठन में नए समीकरणों के बीच बढ़ी सियासी हलचल
सिरसा कांग्रेस में पहले से चल रही गुटबाजी के बीच हाल के दिनों में राजनीतिक गतिविधियां तेज हुई हैं। पार्टी के भीतर नए संगठनात्मक समीकरणों की चर्चा के बीच जिलाध्यक्ष संतोष बेनिवाल की ओर से लगातार कार्यकर्ताओं के बीच बैठकें की जा रही हैं। इसी दौरान दिए गए उनके कुछ बयानों के बाद विवाद और गहरा गया।
गोकुल सेतिया की पोस्ट पर जिलाध्यक्ष का जवाब
6 अगस्त को कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिलाध्यक्ष संतोष बेनिवाल ने विधायक गोकुल सेतिया की सोशल मीडिया पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि गोकुल सेतिया उनके छोटे भाई जैसे हैं। जरूरत पड़ी तो वह उनसे घर जाकर भी बात करेंगी।
उन्होंने कहा, “कांग्रेस बहुत बड़ा परिवार है। हमारे बीच मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मनभेद नहीं। जब कार्यकर्ताओं को जरूरत होगी, विधायक उनके साथ होंगे और मैं भी उनके साथ खड़ी मिलूंगी।”
उन्होंने 9 अगस्त को प्रस्तावित बैठक का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी ओर से सभी विधायकों को निमंत्रण भेजा जाएगा। साथ ही पूर्व मंत्री बीरेंद्र सिंह और पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह की ओर से भी निमंत्रण दिया जाएगा।
कालांवाली में दिए बयान से बढ़ा विवाद
कालांवाली में कार्यकर्ताओं की बैठक के दौरान संतोष बेनिवाल ने कहा था कि उनके लिए नेताओं से ज्यादा कार्यकर्ताओं की उपस्थिति महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि सिरसा में कांग्रेस यदि आज भी मजबूत है तो उसका श्रेय कार्यकर्ताओं को जाता है। उनका दायित्व कार्यकर्ताओं के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनना और उन्हें पार्टी नेतृत्व तक पहुंचाना है।
इसी बयान के बाद विवाद और तेज हो गया।
विधायक गोकुल सेतिया ने सोशल मीडिया पर किया पलटवार
जिलाध्यक्ष के बयानों के बाद विधायक गोकुल सेतिया ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लगातार चार पोस्ट साझा किए।
पहली पोस्ट में उन्होंने लिखा कि जो अपने परिवार के साथ नहीं है, वह दूसरों की क्या होगी।
दूसरी पोस्ट में उन्होंने लिखा कि जिलाध्यक्ष पहले नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा, फिर सांसद कुमारी सैलजा और अब विधायकों पर टिप्पणी कर रही हैं। उन्होंने जिलाध्यक्ष के कार्यकाल को “कुछ दिनों का” बताया।
तीसरी पोस्ट में उन्होंने कालांवाली विधायक शीशपाल कहरवाला के संदर्भ में जिलाध्यक्ष के बयान पर सवाल उठाए।
चौथी पोस्ट में उन्होंने लिखा कि जिलाध्यक्ष अब उन्हें राजनीति सिखाने की बात कर रही हैं। साथ ही उन्होंने यह भी लिखा कि यदि कांग्रेस ने जिलाध्यक्ष नहीं बनाया होता तो वह भाजपा में जाने की बात करती थीं।
शीशपाल कहरवाला ने भी दी प्रतिक्रिया
कालांवाली विधायक शीशपाल कहरवाला ने भी जिलाध्यक्ष के बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि “ऐसी दुकानें ज्यादा दिन नहीं चलतीं” और पार्टी छोड़ने की तैयारी जैसी टिप्पणी की।
9 अगस्त की बैठक पर टिकी निगाहें
सिरसा कांग्रेस में जारी बयानबाजी के बीच अब 9 अगस्त को प्रस्तावित बैठक पर सभी की नजर है। जिलाध्यक्ष विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों का दौरा कर कार्यकर्ताओं को बैठक में शामिल होने का निमंत्रण दे रही हैं। ऐसे में बैठक के दौरान पार्टी संगठन की एकजुटता और आगे की रणनीति पर भी नजर रहेगी।
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