Lifestyle Desk – बारिश का मौसम अपने साथ ठंडक और राहत लेकर आता है, लेकिन कई जगहों पर उमस भी काफी बढ़ जाती है। ऐसे में लोग घर, ऑफिस और कार में लंबे समय तक एयर कंडीशनर (एसी) का इस्तेमाल करते हैं। एसी की ठंडी हवा भले ही गर्मी से राहत देती हो, लेकिन लगातार इसके संपर्क में रहना त्वचा की सेहत पर नकारात्मक असर डाल सकता है। लंबे समय तक एसी में रहने से त्वचा की प्राकृतिक नमी कम होने लगती है, जिससे रूखापन, खुजली, जलन और कई अन्य त्वचा संबंधी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

दरअसल, एसी कमरे की हवा में मौजूद नमी को कम कर देता है। जब त्वचा लगातार सूखी हवा के संपर्क में रहती है, तो उसकी बाहरी सुरक्षात्मक परत प्रभावित होने लगती है। इसका परिणाम यह होता है कि त्वचा अपनी प्राकृतिक नमी खोने लगती है और धीरे-धीरे ड्राई, बेजान और खुरदरी महसूस होने लगती है। जिन लोगों की त्वचा पहले से ही संवेदनशील या ड्राई होती है, उनमें यह समस्या और अधिक बढ़ सकती है।
त्वचा में होती है खुजली
त्वचा में नमी की कमी होने पर अक्सर खुजली शुरू हो जाती है। कई लोग बार-बार खुजलाने लगते हैं, जिससे त्वचा पर लालपन, जलन और छोटे-छोटे घाव बनने का खतरा बढ़ जाता है। अगर त्वचा पर बार-बार खुजलाया जाए, तो बैक्टीरिया के संक्रमण या अन्य त्वचा रोग होने की आशंका भी बढ़ सकती है। इसलिए खुजली को नजरअंदाज करने के बजाय समय रहते त्वचा की देखभाल करना जरूरी है।
त्वचा जो जाती है डीहाइड्रेट
अगर आप रोजाना कई घंटे एसी में रहते हैं, तो त्वचा को हाइड्रेट रखना सबसे जरूरी कदम है। दिन में पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से शरीर के साथ-साथ त्वचा को भी अंदर से नमी मिलती है। इसके अलावा, चेहरे और शरीर पर नियमित रूप से मॉइस्चराइजर लगाना भी जरूरी है। नहाने के तुरंत बाद मॉइस्चराइजर लगाने से त्वचा में नमी लंबे समय तक बनी रह सकती है।
क्या है उपाय
- चेहरे की देखभाल के लिए हल्के और हाइड्रेटिंग फेस वॉश का इस्तेमाल करें। बार-बार चेहरे को कठोर साबुन या ज्यादा केमिकल वाले प्रोडक्ट से साफ करने से त्वचा और अधिक रूखी हो सकती है।
- यदि संभव हो, तो हफ्ते में एक या दो बार हाइड्रेटिंग फेस मास्क का उपयोग भी किया जा सकता है, जिससे त्वचा को अतिरिक्त पोषण मिलता है।
- अगर एसी का तापमान बहुत कम रखा जाता है, तो उसका असर त्वचा पर ज्यादा पड़ सकता है। इसलिए कोशिश करें कि एसी का तापमान बहुत अधिक ठंडा न रखें।
- समय-समय पर एसी वाले कमरे से बाहर निकलकर सामान्य वातावरण में कुछ मिनट बिताना भी फायदेमंद हो सकता है। इससे त्वचा को लगातार सूखी हवा के संपर्क में रहने से राहत मिलती है।
- संतुलित आहार भी त्वचा को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मौसमी फल, हरी सब्जियां, मेवे और विटामिन-सी व विटामिन-ई से भरपूर खाद्य पदार्थ त्वचा की सेहत को बेहतर बनाए रखने में मदद करते हैं।
- साथ ही पर्याप्त नींद और तनाव से दूरी भी त्वचा की प्राकृतिक चमक बनाए रखने के लिए जरूरी है।
- यदि त्वचा में अत्यधिक खुजली, लाल चकत्ते, जलन या बार-बार ड्राईनेस की समस्या बनी रहती है, तो इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज न करें। ऐसी स्थिति में त्वचा रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर होता है, ताकि सही कारण का पता लगाकर समय पर उपचार किया जा सके।


