कुमार उत्तम, मुजफ्फरपुर। बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार का मुजफ्फरपुर स्थित श्री कृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SKMCH) का दौरा उस समय हंगामेदार हो गया, जब जूनियर डॉक्टरों ने वेतन और बेहतर पढ़ाई की सुविधाओं की कमी को लेकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इस अप्रत्याशित विरोध के बीच स्वास्थ्य विभाग के मुख्य सचिव कुमार रवि ने आक्रोशित डॉक्टरों को शांत कराने का प्रयास किया। प्रशासनिक अमले और सुरक्षा बलों के कड़े सुरक्षा घेरे के बीच स्वास्थ्य मंत्री को किसी तरह अस्पताल परिसर से सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस पूरे घटनाक्रम से पहले से ही लचर शैक्षणिक व्यवस्था और मानदेय को लेकर असंतुष्ट चल रहे जूनियर डॉक्टरों का गुस्सा खुलकर सामने आ गया।

​नवनिर्मित आईसीयू और क्रिटिकल केयर यूनिट का उद्घाटन

​सुरक्षा के बीच विरोध प्रदर्शन के बावजूद स्वास्थ्य मंत्री ने अपने तय कार्यक्रमों के तहत SKMCH और टाटा मेमोरियल कैंसर हॉस्पिटल परिसर में कुल 42 नए आईसीयू बेड का लोकार्पण किया। अपने दौरे की शुरुआत करते हुए उन्होंने टाटा मेमोरियल कैंसर हॉस्पिटल में 12 बेड के अत्याधुनिक आईसीयू का फीता काटकर उद्घाटन किया। इसके पश्चात उन्होंने पीकू वार्ड का निरीक्षण कर मरीजों के इलाज, साफ-सफाई और दवाओं की उपलब्धता का जायजा लिया। कैंसर अस्पताल के बाद उन्होंने SKMCH मुख्य परिसर में 30 बेड की स्पेशल क्रिटिकल केयर यूनिट का भी उद्घाटन किया, जिससे उत्तर बिहार के गंभीर मरीजों को त्वरित जीवनरक्षक चिकित्सा मिल सकेगी।

​कैंसर पीड़ितों को अब महानगरों का नहीं लगाना पड़ेगा चक्कर

​उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने घोषणा की कि टाटा मेमोरियल कैंसर हॉस्पिटल को भविष्य में और अधिक उन्नत संसाधनों से लैस किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तर बिहार के मरीजों को अब विश्वस्तरीय इलाज के लिए दिल्ली या मुंबई जैसे महानगरों में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, बल्कि यह सारी सुविधाएं उन्हें इसी परिसर में मिलेंगी। सरकार पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने विश्वास दिलाया कि आने वाले समय में बिहार की चिकित्सा व्यवस्था और अधिक आधुनिक, तकनीक-संपन्न तथा जन-सुलभ बनेगी।