Business Desk – Skyways Air Services IPO : स्काईवेज एयर सर्विसेज जल्द ही IPO के जरिए शेयर बाजार में उतरने की तैयारी में है। World ACD की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी पिछले चार साल से एयर फ्रेट के मामले में लगातार नंबर-1 बनी हुई है। प्रस्तावित IPO में कंपनी 399 करोड़ रुपए के नए शेयर जारी करेगी, जबकि 184 करोड़ रुपए का ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा।

यानी IPO से कुल 583 करोड़ रुपए जुटाने की तैयारी है। फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कर्ज चुकाने और वर्किंग कैपिटल की जरूरतें पूरी करने में किया जाएगा। कंपनी के कारोबार और मुनाफे में भी तेज ग्रोथ देखने को मिली है, लेकिन ग्लोबल ट्रेड पर निर्भरता इसका बड़ा जोखिम है।

IPO से मिलने वाले 399 करोड़ रुपए कहां खर्च होंगे?

स्काईवेज एयर सर्विसेज IPO में 399 करोड़ रुपए के फ्रेश शेयर जारी करेगी। कंपनी इस रकम का इस्तेमाल अपना कर्ज चुकाने और रोजमर्रा के कारोबार के लिए जरूरी वर्किंग कैपिटल को मजबूत करने में करेगी।

इसके अलावा 184 करोड़ रुपए के शेयर OFS के जरिए बेचे जाएंगे। IPO के बाद कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 79.1% से घटकर 56.8% रह जाएगी।

1984 में शुरू हुई कंपनी, एयर फ्रेट से 75% से ज्यादा कमाई

स्काईवेज एयर सर्विसेज की शुरुआत 1984 में हुई थी। कंपनी हवाई और समुद्री रास्ते से दुनिया भर में सामान पहुंचाने का काम करती है। हालांकि, इसकी कुल कमाई में एयर फ्रेट की हिस्सेदारी 75% से ज्यादा है। कंपनी के 56 इंटरनेशनल एयरलाइंस के साथ सीधे व्यावसायिक संबंध हैं। यह 12 देशों में अपने क्लाइंट्स को सेवाएं देती है।

कंपनी के एयर कार्गो वॉल्यूम में भी तेजी आई है। वित्त वर्ष 2024 में यह करीब 48 हजार टन था, जो वित्त वर्ष 2026 में बढ़कर करीब 84 हजार टन हो गया। इसी तरह समुद्री कंटेनर वॉल्यूम 16,294 TEU से बढ़कर 28,275 TEU हो गया।

2 साल में रेवेन्यू 47.7% बढ़ा

वित्त वर्ष 2024 से 2026 के बीच कंपनी के रेवेन्यू में सालाना 47.7% की ग्रोथ हुई और यह बढ़कर 2,812.9 करोड़ रुपए हो गया। इसी अवधि में कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट यानी EBITDA 61.2% बढ़कर 125.6 करोड़ रुपए हो गया। शुद्ध मुनाफा 35.7% बढ़कर 63.5 करोड़ रुपए पहुंच गया। कंपनी के कैश फ्लो में भी बड़ा सुधार हुआ है। वित्त वर्ष 2024 में कैश फ्लो 9 करोड़ रुपए माइनस था, जो वित्त वर्ष 2026 में सुधरकर 113.6 करोड़ रुपए पॉजिटिव हो गया।

कंपनी के कारोबार में सबसे बड़ा रिस्क क्या है?

स्काईवेज एयर सर्विसेज के लिए सबसे बड़ा जोखिम ग्लोबल ट्रेड पर निर्भरता है। कंपनी का कारोबार बड़े स्तर पर क्रॉस-बॉर्डर ट्रेड से जुड़ा है।

ऐसे में वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुस्ती, व्यापार नीतियों में बदलाव या विदेशी मुद्रा में भारी उतार-चढ़ाव का सीधा असर कंपनी के कारोबार पर पड़ सकता है। यही वजह है कि मजबूत ग्रोथ के बावजूद IPO में निवेश से पहले इसके ग्लोबल एक्सपोजर को समझना जरूरी है।

वैल्यूएशन कितना है?

वित्त वर्ष 2026 के मुनाफे के आधार पर कंपनी का P/E मल्टीपल करीब 32 है। इसकी तुलना टीवीएस सप्लाई चेन सॉल्यूशंस, शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज, डेल्हीवेरी और महिंद्रा लॉजिस्टिक्स जैसी कंपनियों से की गई है।

इन कंपनियों का P/E मल्टीपल 46 से 376 के बीच है। इस लिहाज से स्काईवेज एयर सर्विसेज का वैल्यूएशन तुलनात्मक रूप से कम दिखाई देता है।

क्या निवेश करना चाहिए?

कंपनी के रेवेन्यू, EBITDA, मुनाफे और कैश फ्लो में मजबूत ग्रोथ दिख रही है। एयर फ्रेट कारोबार में इसकी मजबूत स्थिति और अपेक्षाकृत कम P/E इसे आकर्षक बना सकता है।

हालांकि, कंपनी ग्लोबल ट्रेड पर काफी निर्भर है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय व्यापार में मंदी, पॉलिसी बदलाव और करेंसी में उतार-चढ़ाव इसके कारोबार को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में यह IPO लंबी अवधि का नजरिया रखने और अपेक्षाकृत ज्यादा जोखिम लेने वाले निवेशकों के लिए ज्यादा उपयुक्त माना जा सकता है।